- बिहार की हर पंचायत में बनेगा मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप, 8053 पंचायतों तक पहुंचेगी योजना
पटना। बिहार के ग्रामीण इलाकों में शादी-विवाह के लिए सार्वजनिक सुविधा विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत राज्य की सभी 8053 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से विवाह मंडप का निर्माण कराया जाएगा। पंचायती राज विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में इस योजना के लिए सभी ग्राम पंचायतों को शामिल करने की प्रशासनिक स्वीकृति दर्ज है। योजना को लेकर अब निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गयी है। विभाग के उपलब्ध ताजा रिकॉर्ड के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 में पहले चरण के तहत 1337 ग्राम पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण के लिए राशि के आवंटन से संबंधित आदेश 11 जून 2026 को जारी किया गया था। इससे स्पष्ट है कि योजना को एक साथ सभी पंचायतों में लागू करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जा रहा है।
पहले चरण में 1337 पंचायतों में काम की तैयारी
पंचायती राज विभाग ने 8 जून 2026 को मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत 1337 ग्राम पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में राशि स्वीकृत की थी। इसके बाद 11 जून को राशि आवंटन का आदेश जारी किया गया। अब 24 सितंबर को जारी विभागीय आदेश के बाद निर्माण की प्रक्रिया, तकनीकी स्वीकृति और प्रशासनिक स्वीकृति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हुई है। ग्राम पंचायत के माध्यम से ही निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए जिस स्थल पर मंडप बनाया जाना है, वहां की वास्तविक स्थिति और उपलब्ध जमीन के आधार पर Site Specific Estimate तैयार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित सक्षम तकनीकी स्तर से अनुमान की जांच कर तकनीकी स्वीकृति दी जाएगी। तकनीकी स्वीकृति के बाद संबंधित जिला पदाधिकारी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करेंगे। यानी केवल राशि आवंटित होने से निर्माण शुरू नहीं होगा, बल्कि स्थल चयन, तकनीकी जांच और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
8053 पंचायतों के लिए बनी है योजना
सरकार ने वर्ष 2025 में ही मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत राज्य की सभी 8053 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से विवाह मंडप निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। आधिकारिक कैबिनेट रिकॉर्ड में इस योजना के लिए 40 अरब 26 करोड़ 50 लाख रुपये की कुल लागत से सभी 8053 पंचायतों में निर्माण की स्वीकृति दर्ज है। इस हिसाब से योजना का दायरा केवल कुछ चयनित पंचायतों तक सीमित नहीं है। सरकार की स्वीकृत योजना के मुताबिक राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत को अंततः इसके दायरे में लाया जाना है।
पंचायतों पर बढ़ेगी जिम्मेदारी
योजना के जमीन पर उतरने के साथ ग्राम पंचायतों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल, स्थानीय जरूरत, तकनीकी मानकों और स्वीकृत अनुमान के मुताबिक काम कराने की जिम्मेदारी पंचायत स्तर पर रहेगी। वहीं तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया संबंधित विभागीय एवं जिला स्तर के अधिकारियों के माध्यम से पूरी होगी। पंचायती राज विभाग की वेबसाइट पर सितंबर 2026 में भी योजना और पंचायतों से जुड़े विभिन्न वित्तीय एवं प्रशासनिक आदेश लगातार जारी किए जा रहे हैं। विभाग के रिकॉर्ड में 22 सितंबर को प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार से संबंधित आदेश और 21 सितंबर को वित्तीय प्रबंधन प्रणाली से जुड़े आदेश भी दर्ज हैं। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि पहले चरण की 1337 पंचायतों में स्थल चयन, तकनीकी स्वीकृति और प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और निर्माण कब तक जमीन पर दिखाई देता है।
बड़ी बात
- कुल लक्ष्य: 8053 ग्राम पंचायत
- योजना: मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप
- कार्यान्वयन: चरणबद्ध तरीके से
- पहला चरण: 1337 ग्राम पंचायत
- निर्माण: ग्राम पंचायत के माध्यम से
- अनुमान: Site Specific Estimate के आधार पर
- तकनीकी स्वीकृति: तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद
- प्रशासनिक स्वीकृति: संबंधित जिला पदाधिकारी
- कुल स्वीकृत लागत: ₹40.265 अरब, अर्थात ₹4,026.50 करोड़
