- जमुई पीड़िता की तस्वीर पोस्ट करने के मामले में CMO कर्मी पर FIR, सचिवालय थाने में दर्ज हुआ केस
पटना। जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर पोस्ट किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पटना के सचिवालय थाने में मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात आशुलिपिक सागर प्रसाद को आरोपी बनाया गया है। मामले में पोस्ट को आगे प्रसारित करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात प्राथमिकी में कही गई है। पुलिस के अनुसार, जमुई में 19 सितंबर को नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना सामने आई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। इसी मामले की पीड़िता और उसके परिजनों से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री के आधिकारिक ‘X’ हैंडल से परिवार के साथ तस्वीर पोस्ट की गई। तस्वीर पोस्ट होने के कुछ समय बाद उसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक उसका स्क्रीनशॉट और तस्वीर सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो चुका था। इसके बाद पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने को लेकर सवाल उठने लगे। मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग भी की गई।
जांच में CMO के कर्मचारी का नाम सामने आया
सचिवालय थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पुलिस को तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने की जानकारी मिली। सत्यापन के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय के आशुलिपिक सागर प्रसाद द्वारा तस्वीर ‘X’ पर अपलोड किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अब तस्वीर के स्रोत, उसे पोस्ट किए जाने की परिस्थितियों और आगे प्रसारित करने वालों की भूमिका की जांच कर रही है।
POCSO समेत इन धाराओं में केस
सचिवालय थाना कांड संख्या 200/26, दिनांक 25 सितंबर 2026 के रूप में मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 73, POCSO एक्ट की धारा 23 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(E) और 67 का उल्लेख है। मामले की जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सीमा कुमारी को सौंपी गई है। POCSO कानून के तहत यौन अपराध से पीड़ित बच्चे की पहचान सार्वजनिक करने वाली जानकारी के प्रकाशन या प्रसारण पर विशेष कानूनी प्रतिबंध हैं। इसी कानूनी पहलू को देखते हुए तस्वीर पोस्ट किए जाने का मामला पुलिस जांच के दायरे में आया है।
तस्वीर को लेकर विपक्ष ने भी उठाए थे सवाल
तस्वीर सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद सांसद मीसा भारती ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। उनके आरोपों का केंद्र यह था कि तस्वीर से नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने की स्थिति बनी। अब सचिवालय थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामला औपचारिक पुलिस जांच के चरण में पहुंच गया है। फिलहाल उपलब्ध प्राथमिकी में सागर प्रसाद और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। आगे की जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि तस्वीर किसने, किस परिस्थिति में और किस उद्देश्य से पोस्ट की तथा उसके प्रसार में किन लोगों की भूमिका रही।
