- सीमाई इलाके में शराब का खेल, आगे ‘लाइजनिंग’ बाइक और पीछे कार में 600 बोतल
आदापुर। हरपुर थाना पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के उच्चीडीह छठ घाट के समीप वाहन जांच के दौरान एक कार से 600 बोतल नेपाली कस्तूरी शराब बरामद की है। पुलिस ने मौके से दो कथित धंधेबाजों को गिरफ्तार किया, जबकि कार सवार एक अन्य धंधेबाज अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। कार्रवाई के बाद पुलिस ने शराब तस्करी के नेटवर्क की पड़ताल तेज कर दी है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान आदापुर थाना क्षेत्र के भेड़िहारी गांव निवासी पारसनाथ प्रसाद के पुत्र चुन्नू कुमार तथा राजदेव पटेल के पुत्र सुजीत कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने शराब के साथ तस्करी में इस्तेमाल कार और एक नेपाली नंबर की बाइक भी जब्त की है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।
कार के आगे-आगे चल रही थी बाइक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शराब की खेप लेकर कार उच्चीडीह छठ घाट की ओर से गुजर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कार से नेपाली शराब की खेप ले जायी जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने वाहन जांच शुरू की। इसी क्रम में संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गयी, जिसमें 600 बोतल नेपाली कस्तूरी शराब बरामद होने की बात सामने आयी। पुलिस के अनुसार, सुजीत कुमार नेपाली नंबर की बाइक से कार के आगे-आगे चल रहा था। वह कथित तौर पर लाइजनिंग करते हुए रास्ते की निगरानी कर रहा था। पुलिस की गतिविधि या जांच की जानकारी कार तक पहुंचाने के लिए बाइक से आगे चलने की आशंका है। हालांकि, इसकी वास्तविक भूमिका पुलिस की पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अंधेरे का फायदा उठाकर एक धंधेबाज फरार
पुलिस कार्रवाई के दौरान कार सवार एक अन्य व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। उसके फरार होने के बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में तलाश की, लेकिन तत्काल उसका पता नहीं चल सका। पुलिस उसकी पहचान करने और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। फरार आरोपित की गिरफ्तारी के बाद शराब की खेप से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
कार-बाइक जब्त, नेटवर्क की जांच शुरू
हरपुर थाना पुलिस ने बरामद शराब के साथ कार और नेपाली नंबर की बाइक को जब्त कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नेपाली शराब की खेप सीमा क्षेत्र के किस रास्ते से लाई गयी थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। गिरफ्तार दोनों आरोपितों से पूछताछ कर खेप के सप्लायर, रिसीवर और तस्करी में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटायी जा रही है। सीमाई क्षेत्र होने के कारण आदापुर और आसपास के इलाकों में नेपाली शराब की आवाजाही पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। ऐसे में कार के साथ नेपाली नंबर की बाइक का पकड़ा जाना तस्करी के संभावित नेटवर्क की ओर भी संकेत करता है। जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बाइक और कार के बीच संपर्क किस स्तर पर था तथा शराब की खेप के पीछे कौन लोग सक्रिय थे। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब फरार आरोपित की गिरफ्तारी के साथ पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल शराब की खेप के स्रोत और उसके अंतिम ठिकाने का है। पूछताछ और जांच के दौरान यदि नेटवर्क की कड़ियां जुड़ती हैं तो इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
