सुगौली हादसे ने छीना पिता का साया, छह साल की बेटी रह गई अकेली

  • सुगौली हादसे ने छीना पिता का साया, छह साल की बेटी रह गई अकेली
  • एनएच-28 पर छपरा बहास के पास दर्दनाक हादसा, मौके पर ही रंजन झा की मौत; शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम

सुगौली। रविवार की रात करीब आठ बजे मोतिहारी-बेतिया एनएच-28 पर छपरा बहास के समीप हुए सड़क हादसे ने छगराहां गांव के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मधुबाला पंप और इंडियन ऑयल पंप के बीच हुए हादसे में छगराहां निवासी रंजन झा (पिता स्व. पुन्नू झा) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर घर पहुंचते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बताया जाता है कि रंजन झा किसी काम से उक्त मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान वह दुर्घटना की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। सूचना मिलते ही सुगौली थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जब रंजन झा का शव उनके गांव छगराहां पहुंचा तो घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। कुछ ही देर में आसपास के लोग भी उनके घर पहुंचने लगे। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि कुछ घंटे पहले तक परिवार के बीच मौजूद रंजन अब हमेशा के लिए खामोश हो चुके हैं।

छह साल की बेटी को छोड़ गए पीछे

रंजन झा अपने पीछे छह वर्षीय मासूम बेटी समेत परिवार को छोड़ गए हैं। जिस बेटी के बचपन में पिता का हाथ उसका सबसे बड़ा सहारा था, उसी बेटी के सिर से अचानक पिता का साया उठ गया। घर में अब उसकी मासूम आवाज के बीच पिता की कमी का दर्द हमेशा बना रहेगा। परिवार के लिए यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि जिंदगी भर न भरने वाला जख्म बन गया है।

गांव में पसरा मातमी सन्नाटा

रंजन झा की मौत की खबर से छगराहां गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार वह मिलनसार स्वभाव के थे और लोगों से उनके अच्छे संबंध थे। अचानक हुई मौत ने गांव के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटना किस वाहन से और किन परिस्थितियों में हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

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