मोतिहारी में किसानों की यूरिया पर कालाबाजारी का खेल! गोदाम पर रेड, मोबाइल बंद कर संचालक फरार

  • किसानों की यूरिया पर कालाबाजारी का खेल! गोदाम पर रेड, मोबाइल बंद कर संचालक फरार

पूर्वी चंपारण: मोतिहारी में किसानों के हिस्से की यूरिया को कालाबाजारी के जरिए खपाने वाले कथित अवैध नेटवर्क पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डीएम और एसपी के निर्देश पर सदर एसडीओ व सदर डीएसपी के नेतृत्व में प्रशासनिक और पुलिस टीम ने 24 घंटे के भीतर तीसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए बंजरिया थाना क्षेत्र के अम्बिकानगर स्थित एक संदिग्ध गोदाम पर छापेमारी की। सूचना थी कि इस गोदाम में भारी मात्रा में यूरिया को अवैध तरीके से जमा कर रखा गया है और इसे सरकारी निर्धारित व्यवस्था से बाहर कालाबाजारी के जरिए खपाने की तैयारी थी। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही गोदाम संचालक मोबाइल बंद कर फरार हो गया। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़कर जांच और तलाशी शुरू की गई। अब प्रशासन की नजर सिर्फ गोदाम में मिले खाद के स्टॉक पर नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क पर है जिसके जरिए इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया यहां तक पहुंची। जांच का सबसे अहम पहलू यह है कि गोदाम में मौजूद खाद की खरीद कहां से हुई, किसके नाम पर हुई, किस वाहन से इसे यहां लाया गया और आगे इसे किन लोगों के माध्यम से बाजार में खपाया जाना था। प्रशासन खाद की सप्लाई चेन से जुड़े दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर, बिल, परिवहन से संबंधित कागजात और अन्य रिकॉर्ड खंगाल सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मामला सिर्फ एक गोदाम तक सीमित है या इसके पीछे जिले में सक्रिय कोई बड़ा कालाबाजारी नेटवर्क काम कर रहा है। गोदाम संचालक का मोबाइल बंद कर मौके से फरार होना भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारी अब संचालक के अलावा गोदाम से जुड़े अन्य लोगों, सप्लायर, बिचौलियों, परिवहनकर्ताओं और संभावित खरीदारों की भूमिका की भी पड़ताल कर सकते हैं। जांच में यदि खाद के अवैध डायवर्जन या सरकारी आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े किसी स्तर पर गड़बड़ी के संकेत मिलते हैं तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। मोतिहारी में लगातार हो रही कार्रवाई के बीच यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि आखिर किसानों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली यूरिया बड़ी मात्रा में किन रास्तों से निजी गोदामों तक पहुंच रही है। यदि जांच में एक ही सप्लाई चैन से जुड़े कई ठिकाने या लोग सामने आते हैं तो प्रशासन के सामने पूरे नेटवर्क को तोड़ने की चुनौती होगी। इससे पहले जिले में बड़ी मात्रा में यूरिया की संदिग्ध खेप पकड़े जाने के बाद प्रशासन की कार्रवाई तेज हुई है। एक मामले में 670 बोरा यूरिया लदा ट्रक भी जब्त किया गया था। लगातार हो रही कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासन अब अलग-अलग मामलों को जोड़कर खाद की कालाबाजारी के पीछे सक्रिय सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। अम्बिकानगर के इस गोदाम की जांच इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यहां से बरामद होने वाला स्टॉक, दस्तावेज और डिजिटल या अन्य रिकॉर्ड पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। फिलहाल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गोदाम की तलाशी और स्टॉक का सत्यापन जारी है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि गोदाम में कितनी यूरिया मिली, उसका स्रोत क्या था और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

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