- मोतिहारी में कोषागार व भविष्य निधि कार्यालय पर DM का निरीक्षण, लंबित विपत्रों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
पूर्वी चम्पारण: सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए समाहर्ता सौरभ जोरवाल ने बुधवार को जिला कोषागार कार्यालय एवं जिला भविष्य निधि कार्यालय का समेकित निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि वेतन, पेंशन और अन्य सरकारी देयताओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान वरीय कोषागार पदाधिकारी विजय कुमार सिंह, सहायक कोषागार पदाधिकारी धनंजय कुमार एवं सहायक जिला लेखा पदाधिकारी श्याम कुमार मौजूद रहे। समाहर्ता ने कार्यालय में संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि कोषागार कार्यालय अत्यंत संवेदनशील इकाई है, जहां से हजारों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आर्थिक निर्भरता जुड़ी होती है, इसलिए हर कार्य पूर्ण जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने बायोमेट्रिक उपस्थिति की भी जांच की, जिसमें सभी कर्मियों की समय पर उपस्थिति संतोषजनक पाई गई। इसके साथ ही लंबित विपत्रों की स्थिति का विशेष रूप से अवलोकन करते हुए निर्देश दिया गया कि सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन किया जाए, ताकि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
समाहर्ता ने पेंशनभोगियों और सेवानिवृत्त कर्मियों से जुड़े मामलों को अत्यधिक संवेदनशीलता के साथ निपटाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में देरी सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन पर असर डालती है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर की स्वच्छता और व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। समाहर्ता ने निर्देश दिया कि परिसर को हमेशा साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित रखा जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बजगृह का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अनुपयोगी सामग्रियों के निष्पादन और अभिलेखों के सुरक्षित संधारण को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अंत में समाहर्ता श्री सौरभ जोरवाल ने दोहराया कि जिला प्रशासन इस बात के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि सभी सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और लाभार्थियों को उनकी देय राशि समय पर और बिना किसी बाधा के मिले। कोषागार प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।