बेतिया में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सघन जांच में खंगाले गए स्टॉक व बिक्री रिकॉर्ड

  • उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सघन जांच में खंगाले गए स्टॉक व बिक्री रिकॉर्ड

पश्चिम चंपारण: जिले में उर्वरकों की किल्लत, कालाबाजारी और अनियमित वितरण की शिकायतों के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए व्यापक और सघन जांच अभियान छेड़ दिया। जिला पदाधिकारी श्री तरनजोत सिंह के निर्देश पर जिला कृषि पदाधिकारी समेत कई वरीय अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने जिले के विभिन्न उर्वरक प्रतिष्ठानों पर एक साथ औचक छापेमारी कर व्यवस्था की हकीकत को खंगाला। इस कार्रवाई से उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप मच गया और कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल दिखा।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने उर्वरकों के भंडारण की स्थिति, गोदामों में उपलब्ध स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रजिस्टर का मिलान करते हुए गहन जांच की। कई प्रतिष्ठानों पर कागजी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिलने के संकेत पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही यह भी परखा गया कि किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं। जांच के दौरान कुछ स्थानों पर अनियमितता की आशंका को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, जिस पर आगे कार्रवाई तय मानी जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा। कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या स्टॉक छुपाने जैसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने सभी दुकानदारों को चेताया कि वे अपने सभी अभिलेख अद्यतन रखें और हर लेन-देन को पारदर्शी तरीके से दर्ज करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
इस बड़े अभियान के जरिए प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि खेती-किसानी से जुड़े संसाधनों में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही किसानों से भी अपील की गई है कि वे उर्वरक खरीदते समय रसीद अवश्य लें और किसी भी तरह की गड़बड़ी या अधिक कीमत वसूली होने पर तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

Leave a Comment