- मोतिहारी में स्प्रिट माफिया का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, 52 लीटर बरामद, मुख्य सरगना समेत 3 गिरफ्तार, पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले में अवैध स्प्रिट कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। पिपराकोठी थाना कांड संख्या-88/24 में की गई कार्रवाई में पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए स्पिरिट माफिया पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरी जमुनिया निवासी रामजी सिंह के पुत्र सुनील सिंह को गिरफ्तार किया, जिसके निशान देही पर दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा 52 लीटर अवैध स्प्रिट बरामद कर माफिया के पूरे नेटवर्क को झकझोर दिया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय अवैध कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है और पुलिस की इस सफलता को बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस के अनुसार सुनील सिंह लंबे समय से स्प्रिट के अवैध कारोबार में सक्रिय था और क्षेत्र में अपने नेटवर्क के माध्यम से इस धंधे को संचालित कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पूरे गिरोह की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। गिरफ्तारी के बाद जब सुनील सिंह से गहन पूछताछ की गई, तो उसने अपने सहयोगियों और स्प्रिट सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां उजागर कीं। इन जानकारियों के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-02 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने बिना समय गंवाए ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। इसी क्रम में मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के रूलही सनीचरी स्थित एक मुर्गी फार्म को चिन्हित कर वहां छापेमारी की गई। यह स्थान गिरोह द्वारा स्प्रिट के अवैध भंडारण और सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस की इस दबिश के दौरान मौके से 52 लीटर स्प्रिट बरामद किया गया, जिसे अवैध रूप से जमा कर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी। छापेमारी के दौरान दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान पूर्वी चंपारण जिला अंतर्गत कोटवा थाना क्षेत्र के पोखरा शेख टोली निवासी छोटेलाल साह के पुत्र प्रकाश साह तथा गड़वा गांव निवासी बैजनाथ राम के पुत्र दिलीप राम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ये दोनों आरोपी सुनील सिंह के सहयोगी के रूप में काम कर रहे थे और स्प्रिट के भंडारण, परिवहन तथा सप्लाई में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। जांच के दौरान यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई है कि तीनों आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते थे और अवैध तरीके से स्प्रिट की खरीद-बिक्री कर उसे जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। यह नेटवर्क काफी व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रहा था और इसमें कई अन्य लोगों की संलिप्तता होने की भी आशंका जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके कनेक्शन अन्य इलाकों तक भी फैले हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन छानबीन कर रही है और इस धंधे में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। इस कार्रवाई को अंजाम देने में पुलिस टीम ने सटीक रणनीति, तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचनाओं का प्रभावी उपयोग किया, जिसके कारण कम समय में इतनी बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध स्प्रिट कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इधर, मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध कारोबार करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे और पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने तक अभियान लगातार जारी रहेगा।