- बागमती बनी मौत की धारा: शिवहर में नाव पलटी, महिला की मौत, कई लापता—प्रशासन पर उठे सवाल
शिवहर (बिहार), संवाददाता:शिवहर जिले में बागमती नदी ने एक बार फिर कहर बरपाया है। तरियानी थाना क्षेत्र के खुरपट्टी गांव के समीप शुक्रवार को उस वक्त बड़ा हादसा हो गया, जब यात्रियों से भरी एक नाव अचानक बीच धारा में पलट गई। इस हृदयविदारक घटना में एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल कायम हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, नाव पर करीब 25 से 30 लोग सवार थे, जो रोजमर्रा की तरह बागमती नदी पार कर खेतों में गेहूं की कटनी के लिए जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही नाव नदी के बीच तेज बहाव वाले हिस्से में पहुंची, अचानक संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते नाव पलट गई। बताया जा रहा है कि नाव पर उसकी क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया।
नाव पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए नदी में कूद पड़े और किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, जबकि कई लोग तेज धारा में बह गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, नदी का तेज बहाव राहत कार्य में लगातार बाधा बना हुआ है।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई। लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों के साथ-साथ एनडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया है। प्रशासन द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन देर शाम तक कई लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।हादसे के बाद मृतक महिला के परिजनों में कोहराम मच गया है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और हर किसी की नजर लापता लोगों की खबर पर टिकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मजबूरी में लोग जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार करने को विवश हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाती, तो इस तरह की दर्दनाक घटना से बचा जा सकता था। वहीं, प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन देते हुए कहा है कि हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग अपनी जान जोखिम में डालते रहेंगे। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है और पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है।