- खाद के काले कारोबार पर मोतिहारी में महाएक्शन! पांच गोदामों पर छापा, हजारों बोरी का खेल, अब स्टॉक में भी भारी झोल का खुलासा
- लाइसेंस खत्म, फिर भी खाद का उठाव! कहीं 689 बोरी कागज पर, गोदाम में मिली सिर्फ 250; प्रशासन ने कसा शिकंजा, एफआईआर से मचा हड़कंप
मोतिहारी। किसानों के हिस्से की खाद को लेकर मोतिहारी में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सदर एसडीओ अरुण कुमार और डीएसपी दिलीप कुमार के नेतृत्व में खाद के कथित अवैध नेटवर्क के खिलाफ ताबड़तोड़ छापेमारी ने उर्वरक कारोबार की पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बंजरिया थाना क्षेत्र के लक्ष्मण चौक समेत कई ठिकानों पर कार्रवाई कर पांच गोदामों में भारी मात्रा में यूरिया और डीएपी का स्टॉक पकड़ा गया। स्टॉक इतना अधिक है कि उसकी गिनती के लिए बीडीओ, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, मजिस्ट्रेट और मजदूरों की कई टीमें लगानी पड़ी हैं। प्रशासनिक जांच अब सिर्फ खाद बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि गोदामों के लाइसेंस, स्टॉक, उठाव और बिक्री के पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
लाइसेंस खत्म, फिर भी रैक से उठती रही खाद!
बंजरिया के लक्ष्मण चौक स्थित गोदाम की जांच में लाइसेंस को लेकर गंभीर सवाल सामने आए। बताया गया कि संबंधित लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद खाद के उठाव और बिक्री की बात सामने आयी। कारोबारी के अनुसार 9 सितंबर को 100 बोरी यूरिया की बिक्री हुई, जबकि कागजात में लाइसेंस रिन्यूअल की तारीख 11 सितंबर दिखाई गयी है। यानी सवाल सीधा है—जब लाइसेंस की वैधता पर सवाल था, तब खाद का उठाव और कारोबार कैसे चलता रहा?
अब स्टॉक के आंकड़ों ने खोली दूसरी परत
15 सितंबर के ताजा अपडेट में सिकरहना अनुमंडल के भंडार पैक्स में स्टॉक की जांच ने भी बड़ा अंतर उजागर किया। POS मशीन में 689 बोरी यूरिया का स्टॉक दर्ज था, लेकिन गोदाम में सिर्फ 250 बोरी यूरिया मिली। इसके अलावा करीब 125 बोरी डीएपी भी बरामद हुई। स्टॉक रजिस्टर और वितरण पंजी भी प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद प्रोपराइटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गोदाम सील कर दिया गया। उधर बंजरिया में एक अन्य उर्वरक गोदाम की जांच में स्टॉक सही मिलने के बावजूद लाइसेंस और संचालन क्षेत्र में अंतर सामने आया, जिसके बाद गोदाम सील कर दिया गया।
आरा से आई 670 बोरी यूरिया की ट्रक भी जब्त
प्रशासन की कार्रवाई का दायरा गोदामों से निकलकर परिवहन नेटवर्क तक पहुंच गया है। आरा से मोतिहारी लाई जा रही 670 बोरी यूरिया लदी ट्रक को भी जब्त किए जाने की रिपोर्ट सामने आयी है। प्रशासन इस खेप के स्रोत, कागजात और संभावित अवैध बिक्री की कड़ी की जांच कर रहा है। भारत-नेपाल सीमा पर भी लगातार खाद तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। हाल के दिनों में SSB ने अलग-अलग कार्रवाइयों में यूरिया की कई खेप पकड़ी हैं, जिससे खाद के अवैध नेटवर्क का सीमा पार कनेक्शन भी जांच के दायरे में है।
अब जांच सिर्फ माफियाओं तक नहीं, सिस्टम तक पहुंचेगी?
लगातार सामने आ रहे मामलों ने निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लाइसेंस, POS मशीन, स्टॉक रजिस्टर, रैक से उठाव और वास्तविक गोदाम स्टॉक—इन सभी का मिलान अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है। सदर एसडीओ अरुण कुमार ने स्पष्ट किया है कि किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर खाद की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि जांच में किसी प्रशासनिक या कृषि विभाग के अधिकारी की संलिप्तता अथवा सांठगांठ सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मोतिहारी में अब सवाल सिर्फ यह नहीं कि कितनी बोरी खाद बरामद हुई। बड़ा सवाल यह है कि कागजों पर मौजूद खाद जमीन पर कहां गायब हो रही है, लाइसेंस की निगरानी कैसे हो रही है और किसानों की खाद अवैध गोदामों तक पहुंचाने वाली पूरी कड़ी में कौन-कौन शामिल है। प्रशासन की ताजा कार्रवाई ने इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं।