नरकटिया मध्य विद्यालय में छात्रा घायल, टिफिन में कक्षा बना खेल का मैदान, शिक्षक की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

  • नरकटिया मध्य विद्यालय में छात्रा घायल, टिफिन में कक्षा बना खेल का मैदान, शिक्षक की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

छौड़ादानो। प्रखंड क्षेत्र के नरकटिया मध्य विद्यालय में शुक्रवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब कक्षा में खेलते समय करीब 10 वर्षीया छात्रा शिवानी कुमारी चोटिल हो गई। छात्रा के माथे में चोट लगने की बात सामने आई है। घटना के दौरान संबंधित कक्षा में शिक्षक की मौजूदगी नहीं होने की बात सामने आने के बाद विद्यालय की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बताया जाता है कि टिफिन अवधि के दौरान कुछ बच्चे कक्षा में ही आपस में खेल रहे थे। इसी दौरान धक्का लगने से शिवानी बेंच से नीचे गिर गई और उसके माथे में चोट लग गई। घटना के बाद विद्यालय में मौजूद शिक्षकों के बीच अफरातफरी मच गई। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेश कुमार के अनुसार, छात्रा का उपचार कराया गया और बाद में उसे घर भेज दिया गया। इधर, छात्रा के नाना हरे राम पांडेय, जो भाजपा के मंडल अध्यक्ष एवं प्रखंड 20 सूत्री समिति के सदस्य बताए जाते हैं, फिलहाल घर से बाहर हैं। उन्होंने फोन पर विद्यालय की व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान कई शिक्षक कार्यालय में बैठकर मोबाइल चलाने और आपस में बातचीत करने में व्यस्त रहते हैं तथा कक्षाओं में बच्चों की निगरानी पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता है। उनके अनुसार, इसी तरह की लापरवाही के बीच उनकी नतनी हादसे का शिकार हो गई। हालांकि, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने घटना को टिफिन अवधि का बताया। उन्होंने कहा कि उस समय संबंधित कक्षा में शिक्षक मौजूद नहीं थे और बच्चे आपस में खेल रहे थे। खेलते समय ही छात्रा गिर गई, जिससे उसके माथे में चोट आई। प्रधानाध्यापक ने बताया कि छात्रा का उपचार विद्यालय स्तर से कराया गया और इसके बाद उसे घर भेज दिया गया। घटना ने विद्यालयों में टिफिन अवधि के दौरान बच्चों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब बच्चे विद्यालय परिसर में मौजूद रहते हैं तो टिफिन के दौरान उनकी सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है? यदि कक्षा में शिक्षक मौजूद नहीं थे तो बच्चों को बिना निगरानी के खेलने की स्थिति कैसे बनी? अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा भी प्राथमिक जिम्मेदारी है। छात्रा के घायल होने की घटना ने विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली और बच्चों की निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब देखना होगा कि संबंधित शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और विद्यालय में टिफिन अवधि समेत पूरे समय बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।

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