घोड़ासहन के निर्माणाधीन मकान में छिपे थे हथियार और गांजा, पुलिस की दबिश में दो देसी कट्टा व कारतूस बरामद, कनेक्शन खंगालने में जुटी टीम

  • निर्माणाधीन मकान में छिपे थे हथियार और गांजा, पुलिस की दबिश में दो देसी कट्टा व कारतूस बरामद; कनेक्शन खंगालने में जुटी टीम

मोतिहारी। सीमावर्ती घोड़ासहन इलाके में अवैध हथियार और मादक पदार्थ के खिलाफ मोतिहारी पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर घोड़ासहन थानाध्यक्ष अमरजीत कुमार के नेतृत्व में पुलिस, एसटीएफ और तकनीकी शाखा की संयुक्त टीम ने लक्ष्मीपुर लौखन गांव में छापेमारी कर निर्माणाधीन मकान से दो देसी कट्टा, 12 बोर के कारतूस और करीब 750 ग्राम गांजा जैसा मादक पदार्थ बरामद किया है। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि लक्ष्मीपुर लौखन में शेख जब्बार के निर्माणाधीन मकान में अवैध हथियार रखे गए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने तत्काल विशेष टीम गठित की। टीम में एसटीएफ और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया तथा पूरे ऑपरेशन की कमान डीएसपी अभिषेक कुमार को सौंपी गई। एसपी के निर्देश के बाद टीम ने सूचना के आधार पर इलाके में पहुंचकर पहले निर्माणाधीन मकान की घेराबंदी की। पुलिस की अचानक कार्रवाई से आसपास के लोगों में भी हलचल मच गई। इसके बाद पुलिस टीम ने मकान के अंदर प्रवेश कर एक-एक हिस्से की बारीकी से तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान पुलिस को हथियार और मादक पदार्थ मिला। छापेमारी में दो देसी कट्टा बरामद किए गए। इसके साथ ही 12 बोर के कारतूस भी पुलिस के हाथ लगे हैं। वहीं मकान से लगभग 750 ग्राम गांजा जैसा पदार्थ बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर उसकी जांच और जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी है। मादक पदार्थ की वास्तविक प्रकृति की पुष्टि जांच के बाद की जाएगी।

हथियार किसके, किस मकसद से रखे गए थे?

इस कार्रवाई के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि निर्माणाधीन मकान में हथियार और मादक पदार्थ आखिर किसके इशारे पर रखा गया था। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच केंद्रित कर रही है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में तो नहीं हुआ है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मकान का इस्तेमाल सिर्फ निर्माण कार्य के लिए हो रहा था या उसकी आड़ में कोई संदिग्ध गतिविधि संचालित की जा रही थी। पुलिस टीम मकान से जुड़े लोगों के अलावा आसपास सक्रिय संदिग्धों और संभावित हथियार तस्करों के कनेक्शन को भी खंगाल रही है। तकनीकी शाखा की मदद से संदिग्ध संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और हथियारों के स्रोत को लेकर तस्वीर साफ होगी।

सीमावर्ती इलाके में पुलिस की पैनी नजर

घोड़ासहन क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा से जुड़ा संवेदनशील इलाका है। ऐसे में अवैध हथियार और मादक पदार्थ की बरामदगी को पुलिस गंभीरता से ले रही है। हाल के महीनों में मोतिहारी पुलिस द्वारा मादक पदार्थों और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर विशेष टीमों की सक्रियता भी बढ़ी है। इसी क्रम में लक्ष्मीपुर लौखन की कार्रवाई को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर निर्माणाधीन मकान से एक साथ हथियार, कारतूस और मादक पदार्थ मिलने के बाद पुलिस अब इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की संभावना को भी जांच के दायरे में रख रही है।

आगे खुल सकते हैं कई राज

पुलिस की जांच अभी जारी है। बरामद हथियार कहां से आए, इन्हें यहां किसने रखा, किसे इसकी जानकारी थी, गांजा जैसा पदार्थ किसके लिए रखा गया था और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं—इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि हथियारों और मादक पदार्थ के पीछे किसी संगठित गिरोह या तस्करी नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल घोड़ासहन पुलिस की इस कार्रवाई ने सीमावर्ती इलाके में अवैध हथियारों और मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों में खलबली मचा दी है। पुलिस की नजर अब उन चेहरों पर है, जिनके कनेक्शन इस बरामदगी से जुड़ सकते हैं।

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