चप्पल में छुपा ब्लूटूथ, छपरा में BPSC परीक्षा में ‘मुन्ना भाई’ गिरफ्तार, हाईटेक नकल गिरोह का खुलासा

  • चप्पल में छुपा ब्लूटूथ, छपरा में BPSC परीक्षा में ‘मुन्ना भाई’ गिरफ्तार, हाईटेक नकल गिरोह का खुलासा

छपरा: BPSC के AEDO (Assistant Engineer Development Officer) परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर मेटल डिटेक्टर जांच के दौरान एक फर्जी अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया गया, जो ‘मुन्ना भाई’ बनकर अपने दोस्त की जगह परीक्षा देने पहुंचा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित कुमार के रूप में हुई है। वह अपने दोस्त की जगह परीक्षा दे रहा था और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए बाहर बैठे लोगों से जवाब प्राप्त कर रहा था। जांच के दौरान जब मेटल डिटेक्टर से उसकी तलाशी ली गई, तो उसके चप्पल में छुपा पूरा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पकड़ा गया। छपरा में BPSC के AEDO परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का खुलासा अब एक बड़े संगठित गिरोह की ओर इशारा कर रहा है। जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार फर्जी अभ्यर्थी रोहित कुमार से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे साफ हो रहा है कि यह मामला सिर्फ एक “मुन्ना भाई” तक सीमित नहीं, बल्कि तकनीक के सहारे चल रहे नकल के बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस के अनुसार, रोहित कुमार पूरी प्लानिंग के साथ अपने दोस्त की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर किया और परीक्षा केंद्र में प्रवेश भी पा लिया। लेकिन जब मेटल डिटेक्टर से जांच हुई, तभी उसके पास छुपाए गए हाईटेक उपकरण ने उसकी पूरी साजिश को उजागर कर दिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने चप्पल के अंदर अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फिट कर रखा था। इस सिस्टम में बेहद छोटे ब्लूटूथ डिवाइस, वायर और माइक्रो ईयरपीस शामिल थे, जिसके जरिए वह परीक्षा के दौरान बाहर बैठे लोगों से सीधे संपर्क में था। बाहर मौजूद लोग प्रश्नों के उत्तर उसे तुरंत भेज रहे थे और वह आराम से परीक्षा लिख रहा था।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस तरह का सेटअप बेहद पेशेवर तरीके से तैयार किया गया था, जिससे यह अंदेशा मजबूत हो गया है कि इसके पीछे तकनीकी रूप से दक्ष गिरोह सक्रिय है। पूछताछ में रोहित कुमार ने खुलासा किया है कि यह पूरा नकल सिस्टम समस्तीपुर से मंगवाया गया था, जहां कुछ लोग इस तरह के उपकरण तैयार कर परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराते हैं।
पुलिस अब समस्तीपुर कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। संदिग्ध सप्लायरों की पहचान की जा रही है और जल्द ही वहां छापेमारी की भी संभावना जताई जा रही है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या इसी गिरोह ने पहले भी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह की हाईटेक नकल करवाई है।
तकनीकी टीम को भी जांच में शामिल किया गया है, जो जब्त किए गए डिवाइस का डाटा खंगाल रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि ब्लूटूथ के जरिए आरोपी किन-किन लोगों से जुड़ा था, कॉल या सिग्नल कहां से आ रहे थे और इस नेटवर्क में कुल कितने लोग शामिल हैं।
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सख्त जांच प्रक्रिया और मेटल डिटेक्टर के कारण ही इतनी बड़ी साजिश समय रहते पकड़ में आ गई, वरना यह मामला आसानी से सफल हो सकता था। अब अन्य केंद्रों पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने रोहित कुमार और उसके सहयोगी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और हर नए खुलासे के साथ इस हाईटेक नकल रैकेट की परतें खुलती जा रही हैं।

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