- मोतिहारी में चोरी की बाइकों का ‘कटिंग फैक्ट्री’ पकड़ा गया, 3 गिरफ्तार, फर्जी नंबर का काला कारोबार बेनकाब
पूर्वी चंपारण: मोतिहारी पुलिस ने ऐसा ऑपरेशन चलाया, जिसने बाइक चोरी के पूरे नेटवर्क की परतें खोलकर रख दीं। बिहार पुलिस की सतर्कता और हाईटेक जांच के दम पर एक बड़े मोटरसाइकिल चोर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जहां चोरी की गाड़ियों को काटकर, नंबर बदलकर और सस्ते दामों में बेचकर बाजार में खपाया जा रहा था।
20 अप्रैल 2026 को पताही थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान एक मोटरसाइकिल ने पुलिस को चौंका दिया। HHD मशीन से जांच होते ही इंजन और चेसिस नंबर में गड़बड़ी सामने आई। जब असली मालिक विकास कुमार, पिता विरेंद्र कुमार, निवासी हसनपुरवा, थाना चकिया से संपर्क किया गया, तो उन्होंने साफ बताया कि उनकी बाइक 2019 में मेहसी थाना क्षेत्र से चोरी हो गई थी और इस मामले में मेहसी थाना कांड संख्या 35/21 दर्ज है। यहीं से इस पूरे खेल का पर्दाफाश शुरू हुआ।
मौके से पकड़ा गया रंजन कुमार उर्फ धीरज कुमार, पिता दयाशंकर, निवासी सुंदरपट्टी, थाना पकड़ीदयाल, पहले तो गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती के आगे टूट गया। उसने खुलासा किया कि बाइक उसने मोo सलमान, पिता सलाउद्दीन अंसारी, निवासी परसा, थाना पकड़ीदयाल से खरीदी थी। पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और मोo सलमान को दबोच लिया।
सलमान के घर पर छापेमारी हुई तो पुलिस के होश उड़ गए। एक और संदिग्ध मोटरसाइकिल बरामद हुई, जिसका नंबर भी फर्जी निकला। पूछताछ आगे बढ़ी तो इस गिरोह का तीसरा और अहम कड़ी सामने आया—जयप्रकाश दास, पिता नन्हक दास, निवासी बारहचक, थाना पकड़ीदयाल।
जब पुलिस ने जयप्रकाश दास के डाका रोड स्थित गैराज पर दबिश दी, तो पूरा “चोरी का वर्कशॉप” सामने आ गया। यहां से मोटरसाइकिल के कई पार्ट्स बरामद हुए, जिनके इंजन और चेसिस नंबर भी बदले हुए थे। पूछताछ में जयप्रकाश दास ने कबूल किया कि वह चोरी की बाइक सस्ते में खरीदता, उन्हें खोलकर पार्ट्स बदलता और फिर मोo सलमान के जरिए बाजार में बेच देता था।
इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल तीन मोटरसाइकिल बरामद की और गिरोह के तीनों सदस्य—रंजन कुमार उर्फ धीरज कुमार, मोo सलमान और जयप्रकाश दास—को गिरफ्तार कर लिया। अब इनसे जुड़े बाकी नेटवर्क को खंगालने का काम तेज कर दिया गया है।
इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने में पताही थाना अध्यक्ष पु0अ0नि0 बबन कुमार, पु0अ0नि0 अजय कुमार, पु0अ0नि0 हेमंकर यादव, पु0अ0नि0 कमलेश्वरी प्रसाद यादव, सशस्त्र बल और चौकीदारों की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है—जल्द ही इस गिरोह के और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।