- मोतिहारी में स्कूलों पर सख्ती की मार: 15 अप्रैल से हर क्लासरूम की होगी जांच, DM का फरमान—लापरवाही पर सीधी कार्रवाई
पूर्वी चंपारण: मोतिहारी में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देश पर 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक जिले के सभी सरकारी स्कूलों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा, जिसके लिए 15 से 20 अप्रैल तक का विशेष शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इसको लेकर जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में निरीक्षण के लिए प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति, बच्चों की प्रगति और उपलब्ध संसाधनों की गहन समीक्षा की जाएगी। निर्देश के अनुसार, निरीक्षण सिर्फ औपचारिक नहीं होगा, बल्कि हर स्तर पर गहन जांच की जाएगी। पदाधिकारी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से सीधे बातचीत करेंगे, उनकी पढ़ाई, समस्याओं और सुविधाओं की हकीकत जानेंगे और मौके पर ही उन्हें मोटिवेट भी करेंगे।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन स्कूलों में शौचालय, पेयजल, बिजली, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, लैब या अन्य आधारभूत सुविधाओं में कमी पाई जाएगी, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
साथ ही मिड-डे मील, किताबों की उपलब्धता, बच्चों की उपस्थिति, पढ़ाई का स्तर और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की भी बारीकी से जांच होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खर्च की गई राशि और खरीदी गई सामग्रियों की गुणवत्ता भी जांच के दायरे में रहेगी।
निरीक्षण में लगे सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन शाम 5 बजे तक अपनी रिपोर्ट जमा करें। प्रखंड स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं होने पर मामला सीधे जिला स्तर पर लिया जाएगा।
डीएम सौरभ जोरवाल ने दो टूक कहा है कि इस अभियान का लक्ष्य सिर्फ निरीक्षण नहीं, बल्कि हर बच्चे तक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है।