- मोतिहारी में खाद कारोबारियों पर शिकंजा, नियम तोड़ा तो लाइसेंस रद्द
मोतिहारी। जिले में उर्वरक बिक्री को लेकर प्रशासन ने बड़ी सख्ती शुरू कर दी है। कृषि निदेशालय, बिहार पटना के ताजा निर्देश के आलोक में जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने सभी थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को कड़े आदेश जारी किए हैं और साफ कहा है कि अब नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
मिली के अनुसार, जिला स्तर पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है, जिसमें अधिकारियों की टीम अचानक दुकानों और गोदामों की जांच करेगी। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, भौतिक स्टॉक, कैश मेमो और PoS मशीन से की गई बिक्री का मिलान किया जाएगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि सभी विक्रेता केवल लाइसेंस में अंकित उर्वरकों की ही बिक्री करें और लाइसेंस को दुकान पर प्रदर्शित रखना अनिवार्य होगा। हर बिक्री पर किसान को कैश मेमो देना होगा, जिसमें नाम, पता, उर्वरक का प्रकार, मात्रा और मूल्य दर्ज रहेगा। अब उर्वरक की बिक्री PoS मशीन के माध्यम से करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि उर्वरक का भंडारण केवल लाइसेंस में दर्ज गोदाम में ही किया जाएगा। बिना अनुमति अन्य स्थानों पर स्टॉक रखने पर कड़ी कार्रवाई होगी। खराब या फटे बोरे अलग रखकर चिन्हित करने, एक समय में एक ही कंपनी के एक बैच का उर्वरक बिक्री में रखने और हर महीने की 10 तारीख तक बिक्री रिपोर्ट जमा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि लगातार शिकायत मिलने वाले दुकानों को चिन्हित कर विशेष निगरानी में रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निलंबन और रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने दो टूक कहा है कि उर्वरक की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या फर्जी बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि बिना रसीद उर्वरक न खरीदें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत विभाग को दें।