- मोतिहारी में किसानों की खाद नेपाल पहुंचाने का खेल? 550 बोरी यूरिया से लदा ट्रक जब्त, चालक फरार!
- ढाका में खाद के कथित काले कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा, विशंभरपुर के पास पकड़ी गई बड़ी खेप; घोड़ासहन के रास्ते नेपाल तस्करी की आशंका ने बढ़ाई बेचैनी
ढाका। खेतों में खाद के लिए किसान परेशान हों और दूसरी तरफ सैकड़ों बोरी यूरिया संदिग्ध तरीके से सीमा की ओर दौड़ती मिले—तो सवाल उठना लाजिमी है। ढाका में प्रशासन की बुधवार की कार्रवाई ने खाद की कालाबाजारी और संभावित नेपाल तस्करी के बड़े खेल की आशंका को फिर हवा दे दी है। गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पदाधिकारी, सिकरहना, ढाका ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी, ढाका और ढाका थानाध्यक्ष के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की। टीम ने ढाका-घोड़ासहन रोड पर विशंभरपुर गांव के समीप BR 06G 9262 नंबर के ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें GROW MORE कंपनी की करीब 550 बोरी यूरिया खाद मिली। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि छापेमारी से पहले ही चालक ट्रक छोड़कर फरार हो चुका था। आखिर चालक को ऐसा क्या डर था कि सैकड़ों बोरी खाद से लदा वाहन छोड़कर भागना पड़ा? अब यही सवाल जांच की सबसे अहम कड़ी बन गया है।
ढाका से घोड़ासहन और फिर नेपाल!
प्रशासनिक स्तर पर आशंका जताई गई है कि खाद की इस बड़ी खेप को ढाका के रास्ते घोड़ासहन और फिर वहां से नेपाल तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। यदि जांच में यह बात सही साबित होती है तो मामला सिर्फ खाद की अवैध ढुलाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों के लिए आने वाली खाद को सीमापार खपाने वाले नेटवर्क की परतें भी खुल सकती हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया की संदिग्ध आवाजाही ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर खाद की यह खेप कहां से निकली? किसने भेजी? किसके नाम पर थी? किसे पहुंचानी थी? और नेपाल में इसका खरीदार कौन था?
550 बोरी ने खोल दिया खाद व्यवस्था पर बड़ा सवाल
एक तरफ किसान यूरिया के लिए दुकानों और खाद केंद्रों के चक्कर काटते हैं, वहीं दूसरी तरफ करीब 550 बोरी यूरिया एक ट्रक में भरकर सीमा की दिशा में जाती पकड़ी जाती है। यह तस्वीर खाद की आपूर्ति व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब यह जांच जरूरी है कि इतनी बड़ी मात्रा में खाद की खरीद और परिवहन के लिए कौन से दस्तावेज इस्तेमाल किए गए थे और खाद की वैध आपूर्ति श्रृंखला कहां टूटकर संदिग्ध रास्ते पर पहुंची।
चालक फरार, लेकिन असली खिलाड़ी कौन?
ट्रक जब्त होने के बाद चालक का फरार होना जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। चालक की गिरफ्तारी से यह पता चल सकता है कि वह किसके संपर्क में था और उसे खाद लेकर कहां पहुंचना था। लेकिन सवाल सिर्फ चालक का नहीं है। 550 बोरी खाद अकेले चालक के दम पर सीमा तक नहीं पहुंच सकती। इसके पीछे सप्लाई, खरीद, परिवहन और संभावित खपत का पूरा नेटवर्क हो सकता है। इसलिए जांच अगर सिर्फ ट्रक और चालक तक सीमित रही तो इस पूरे खेल की असली कड़ी पर्दे के पीछे ही रह सकती है।
ट्रक ढाका थाना पहुंचा, अब जांच की बारी
प्रशासन ने जब्त ट्रक को तत्काल ढाका थाना पहुंचाया है। जब्ती की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बरामद उर्वरक को नियमानुसार जिम्मेनामा पर देने की कार्रवाई की जाएगी। अब असली परीक्षा जांच की है। प्रशासन और पुलिस को यह पता लगाना होगा कि 550 बोरी यूरिया की यह खेप कहां से चली और कहां जाकर रुकने वाली थी। साथ ही खाद की कालाबाजारी अथवा नेपाल तस्करी की आशंका में यदि कोई नेटवर्क सामने आता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी बड़ा संदेश दे सकती है। फिलहाल ट्रक जब्त है, चालक फरार है और 550 बोरी यूरिया सरकारी निगरानी में है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वहीं खड़ा है—किसानों की खाद आखिर नेपाल की सीमा तक पहुंचाने की तैयारी किसके इशारे पर हो रही थी?
