- सुगौली में 22 जून को लगेगा ‘कृषि महाकुंभ’, खरीफ सीजन से पहले किसानों को मिलेगा खेती का पूरा रोडमैप
- प्रखंड कृषि पदाधिकारी शिवम कुमार के नेतृत्व में होगा आयोजन, जनप्रतिनिधियों से लेकर कृषि वैज्ञानिकों और सैकड़ों किसानों की भागीदारी की तैयारी
सुगौली (पूर्वी चंपारण)। खरीफ मौसम 2026 की शुरुआत से पहले पूर्वी चंपारण के सुगौली प्रखंड में कृषि विभाग एक बड़े जागरूकता अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। किसानों को आधुनिक खेती, सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से 22 जून 2026 को प्रखंड स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी शिवम कुमार ने विस्तृत पत्र जारी कर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कृषि कर्मियों और किसानों को कार्यक्रम में भाग लेने का आमंत्रण दिया है। किसान भवन, प्रखंड कार्यालय सुगौली में पूर्वाह्न 11 बजे आयोजित होने वाली यह कार्यशाला खरीफ सीजन के लिए किसानों को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। विभाग का उद्देश्य है कि किसानों तक सरकार की योजनाओं, नई कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी सीधे पहुंचे, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर सकें।
खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती पर होगा विशेष जोर
कार्यशाला में कृषि विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ किसानों को धान, मक्का, दलहन, तिलहन और अन्य खरीफ फसलों की उन्नत खेती की जानकारी देंगे। किसानों को उन्नत बीजों के चयन, बुआई की वैज्ञानिक विधि, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण, कीट एवं रोग नियंत्रण, जैविक खेती तथा प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ यह भी बताएंगे कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच किस प्रकार खेती को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं की मिलेगी पूरी जानकारी
कार्यशाला में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा होगी। किसानों को बीज अनुदान, कृषि यंत्रीकरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल विविधीकरण, जैविक खेती, सिंचाई योजनाओं और अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। कृषि विभाग का मानना है कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र किसान भी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में यह कार्यशाला किसानों और विभाग के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगी।
हर पंचायत से किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी किसान सलाहकारों, कृषि समन्वयकों और कृषि कर्मियों को अपने-अपने पंचायत क्षेत्र से कम से कम 10-10 किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। किसानों को आधार संख्या के साथ कार्यशाला में उपस्थित होने को कहा गया है ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों की पहचान में सुविधा हो सके। इस पहल से अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में किसान कार्यक्रम में शामिल होंगे।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रहेगी अहम मौजूदगी
कार्यशाला में क्षेत्र के सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, जिला परिषद सदस्य, प्रमुख, उपप्रमुख, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, सहकारिता पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, उद्यान पदाधिकारी, किसान सलाहकार समिति के सदस्य, कृषि समन्वयक, तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक और पंचायत प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। कृषि विभाग का उद्देश्य है कि किसानों की समस्याओं और सुझावों को सीधे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तक पहुंचाया जा सके, ताकि उनका समाधान तेजी से हो सके।
कृषि क्षेत्र में बदलाव की नई शुरुआत
प्रखंड कृषि पदाधिकारी शिवम कुमार ने कहा कि आधुनिक समय में खेती केवल परंपरागत अनुभव पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक जानकारी और नई तकनीकों पर आधारित हो रही है। ऐसे में किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षित करना और उन्हें नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खरीफ कार्यशाला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, कृषि लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। विभाग का लक्ष्य है कि सुगौली के अधिक से अधिक किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि करें।
किसानों के लिए सुनहरा अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में सीजन शुरू होने से पहले किसानों को सही मार्गदर्शन मिलना बेहद जरूरी है। 22 जून को आयोजित होने वाली यह कार्यशाला न केवल किसानों को नई जानकारी देगी, बल्कि उन्हें कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों से भी अवगत कराएगी। कृषि विभाग को उम्मीद है कि यह आयोजन सुगौली प्रखंड में कृषि विकास की नई दिशा तय करेगा और किसानों को खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद करेगा।
