- बारात में नाच-गाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बना खूनी संघर्ष, युवक पर चाकू से हमला; पुलिस की त्वरित कार्रवाई में मुख्य आरोपी गिरफ्तार
बेतिया (पश्चिम चंपारण)। नौतन थाना क्षेत्र के कुजंलही गांव में बारात के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। नाच-गाने को लेकर युवकों के बीच हुई कहासुनी ने अगले दिन गंभीर रूप ले लिया और एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही नौतन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के वरीय अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। बेतिया पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शुक्रवार 20 जून 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे नौतन थानाध्यक्ष को सूचना प्राप्त हुई कि कुजंलही गांव में दो समुदायों के बीच मारपीट और चाकूबाजी की घटना हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई और घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण किसी बड़े विवाद की संभावना को समय रहते टाल दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच-पड़ताल की। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से पूछताछ कर घटना के कारणों और पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उसके अनुसार 19 जून की रात गांव में एक बारात आई थी। बारात में आयोजित नाच-गाने के कार्यक्रम के दौरान कुछ युवकों के बीच विवाद हो गया था। पहले यह मामला सामान्य कहासुनी तक सीमित था, लेकिन विवाद की चिंगारी शांत नहीं हुई और अगले दिन यह हिंसक झड़प में बदल गई। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि पुराने विवाद को लेकर राजबाबू हवारी, पिता सत्तार हवारी ने हीरामन चौधरी, पिता सरल चौधरी पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में हीरामन चौधरी घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने लगा। स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद नौतन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाला। पुलिस ने मुख्य आरोपी राजबाबू हवारी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। बेतिया पुलिस ने कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की हिंसा, मारपीट या कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन का मानना है कि समय रहते की गई कार्रवाई के कारण स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया, अन्यथा मामला और गंभीर रूप ले सकता था। फिलहाल गांव में शांति है और पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
