- रसोई पर महंगाई का वार: फिर महंगा हुआ गैस सिलिंडर, पटना में 1032 रुपये पहुंची कीमत, तीन महीने में दूसरी बढ़ोतरी
पटना। महंगाई की मार झेल रही आम जनता को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए अब रसोई गैस भी और महंगी हो गई है। केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इसके बाद बिहार की राजधानी पटना में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत बढ़कर 1032 रुपये हो गई है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है और घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बार है जब घरेलू एलपीजी सिलिंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 7 मार्च को सिलिंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। अब एक बार फिर 29 रुपये की बढ़ोतरी ने लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है। महंगाई के इस दौर में लगातार बढ़ती गैस कीमतों ने गृहिणियों और मध्यमवर्गीय परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी पटना समेत पूरे बिहार में लाखों उपभोक्ता इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका असर साफ दिखाई देगा, जहां पहले से ही लोग बढ़ती महंगाई के कारण आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। एलपीजी सिलिंडर की नई कीमतों के बाद अब एक परिवार को सालभर में हजारों रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं। उधर, देश की राजधानी दिल्ली में भी घरेलू गैस सिलिंडर के दाम बढ़कर 942 रुपये हो गए हैं। देश के विभिन्न शहरों में कीमतों में अंतर स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण देखा जा रहा है। हालांकि बढ़ोतरी का असर हर राज्य के उपभोक्ताओं पर समान रूप से पड़ रहा है। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में लगातार वृद्धि, पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल के दामों में उछाल इस बढ़ोतरी के प्रमुख कारण हैं। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। तेल विपणन कंपनियों की लागत बढ़ने के कारण कीमतों में संशोधन किया गया है। गौरतलब है कि रसोई गैस की कीमतों में यह वृद्धि ऐसे समय हुई है जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। मई के मध्य से अब तक पेट्रोल और डीजल करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। इसका असर परिवहन लागत पर पड़ रहा है, जिससे खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी बढ़ने की आशंका है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में नरमी नहीं आती है तो आने वाले महीनों में आम जनता को और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें सीधे परिवारों के मासिक बजट को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में आम लोगों की निगाहें सरकार की अगली नीति और संभावित राहत उपायों पर टिकी हुई हैं। महंगाई के इस दौर में बढ़ती गैस कीमतों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आम आदमी अपनी रसोई और घर का बजट कैसे संभाले। लगातार दूसरी बढ़ोतरी ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में घरेलू खर्च और बढ़ सकता है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की मुश्किलें और गहरा सकती हैं।