- कुशीनगर में छिपा था शराब कांड का फरार आरोपी, मोतिहारी पुलिस ने दबोचा; एसपी स्वर्ण प्रभात की सख्ती से अपराधियों में बढ़ा खौफ
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में अपराध और अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई के बीच मोतिहारी पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। जिले के डुमरियाघाट थाना में दर्ज मधनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई ने न केवल पुलिस की सक्रियता को साबित किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कानून से बचने के लिए राज्य की सीमा पार कर जाना अब अपराधियों के लिए सुरक्षित विकल्प नहीं रह गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार डुमरियाघाट थाना कांड संख्या-105/25 में मधनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत आरोपी बनाए गए आनंद कुमार की गिरफ्तारी लंबे समय से पुलिस की प्राथमिकता में थी। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था। हालांकि पुलिस की तकनीकी निगरानी, खुफिया तंत्र और लगातार जुटाए जा रहे इनपुट के कारण आखिरकार उसका ठिकाना उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में चिन्हित कर लिया गया। बताया जाता है कि आरोपी आनंद कुमार, रामदास सहनी का पुत्र है तथा उत्तर प्रदेश के अहिरौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भालुही गांव का निवासी है। गिरफ्तारी के लिए डुमरियाघाट थाना पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की। कई दिनों तक आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस टीम ने कुशीनगर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई को पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की अपराध नियंत्रण नीति का हिस्सा माना जा रहा है। जिले की कमान संभालने के बाद से एसपी स्वर्ण प्रभात ने फरार अपराधियों, शराब तस्करों, वारंटियों और संगठित अपराध से जुड़े तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। उनके नेतृत्व में जिले की पुलिस ने कई ऐसे मामलों का सफल उद्भेदन किया है, जिनमें आरोपी लंबे समय से पुलिस गिरफ्त से बाहर थे। पुलिस महकमे में चर्चा है कि एसपी स्वर्ण प्रभात ने सभी थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले में दर्ज गंभीर मामलों के फरार आरोपियों को किसी भी कीमत पर गिरफ्तार किया जाए। इसी रणनीति के तहत पुलिस लगातार दूसरे राज्यों में भी छापेमारी कर रही है। इसका परिणाम यह है कि अपराधियों के बीच कानून का भय बढ़ा है और कई वांछित आरोपी न्यायालय में आत्मसमर्पण करने को मजबूर हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद शराब तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई आवश्यक है। पूर्वी चंपारण पुलिस इस दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। डुमरियाघाट थाना की यह कार्रवाई उसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने लाई जा सके। जिले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और सख्त पुलिस कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में मोतिहारी पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। चाहे अपराधी बिहार में हो या दूसरे राज्य में छिपा हो, पुलिस की पहुंच से बच पाना अब आसान नहीं है। अपराधियों की गिरफ्तारी, कानून का सख्ती से पालन और जनता में सुरक्षा का भरोसा कायम करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बना हुआ है।