- चरस कांड में नाम गायब, मुंशी गिरफ्तार और SHO सस्पेंड—आदापुर थाना में खेल बड़ा
मोतिहारी: आदापुर थाना क्षेत्र में चरस बरामदगी कांड, रिश्वतखोरी और अब पुलिसिया कार्रवाई—तीनों घटनाक्रमों ने मिलकर पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। एफआईआर संख्या–132/26 में ट्रक मालिक का नाम नहीं आने के बाद उठे सवालों के बीच पहले ही अंदरखाने डील की चर्चा तेज थी, और इसी बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई ने मामले को और गर्म कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, जिस ट्रक के केबिन से करीब डेढ़ किलो चरस बरामद हुई थी, वह राज्य खाद्य निगम (SFC) के संवेदक अनिल के नाम पर है, लेकिन एफआईआर में उसका नाम शामिल नहीं किया गया। इसको लेकर थाना स्तर पर सेटिंग और नाम हटाने की डील की चर्चा सामने आई।
इसी क्रम में निगरानी टीम ने आदापुर थाना के निजी मुंशी इन्तेखाब आलम को 14 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता आदापुर थाना क्षेत्र के बखरी निवासी कमालुद्दीन अंसारी का पुत्र आफताब अंसारी ने आरोप लगाया था कि थाना स्तर पर काम कराने के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। आरोपी के द्वारा हथियार के लाइसेंस आवेदन को थानाध्यक्ष द्वारा सत्यापन करने और सत्यपनोपरांत उनको रुपया देने के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही है। सत्यापन के बाद निगरानी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।
अब इस पूरे मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन भी सामने आया है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर आदापुर थानाध्यक्ष पप्पू पासवान को निलंबित कर दिया है। जांच में लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। साथ ही डीआईजी के अनुमोदन के बाद पचपकड़ी की थानाध्यक्ष पूजा कुमारी (2019 बैच) को आदापुर थाना का नया प्रभारी बनाया गया है।
बताया जा रहा है कि नई थानाध्यक्ष पूजा कुमारी ने हाल के महीनों में ब्राउन शुगर माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर अपनी सख्त कार्यशैली का परिचय दिया है, जिससे अब आदापुर में भी सख्ती बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
पूरे घटनाक्रम ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। एक ओर चरस बरामदगी कांड, दूसरी ओर एफआईआर में नाम गायब होने की चर्चा, फिर रिश्वतखोरी में गिरफ्तारी और अब थानाध्यक्ष का निलंबन—इन सभी कड़ियों ने यह साफ कर दिया है कि मामला सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या इन सभी घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध है और क्या इसमें और भी लोग शामिल हैं।
निगरानी और विभागीय कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस पूरे प्रकरण में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे आदापुर थाना से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश संभव है।