मोतिहारी में खाद माफियाओं पर बड़ा शिकंजा: सिकरहना SDO–SDPO की छापेमारी में कालाबाजारी का काला साम्राज्य पकड़ाया

  • “सिकरहना में खाद माफियाओं पर बड़ा शिकंजा: SDO–SDPO की छापेमारी में कालाबाजारी का काला साम्राज्य पकड़ाया!”

पूर्वी चंपारण: मोतिहारी में प्रशासन ने जिला में खाद की कालाबाजारी और तस्करी के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में सिकरहना अनुमंडल पदाधिकारी विजय कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी उदय शंकर के नेतृत्व में बनकटवा और घोड़ासहन प्रखंड क्षेत्रों में चलाए गए संयुक्त छापेमारी अभियान ने पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़ कर रख दी हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और खाद कारोबार से जुड़े लोगों में डर साफ देखा जा रहा है। छापेमारी के दौरान सबसे पहले बनकटवा नहर रोड पर तस्करी का मामला सामने आया, जहां मोटरसाइकिल से 8 बोरा खाद की अवैध ढुलाई की जा रही थी। पुलिस की टीम को देखते ही तस्कर मौके से वाहन छोड़कर फरार हो गया, लेकिन प्रशासन ने मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है। इस घटना ने यह साफ संकेत दिया कि खाद की तस्करी का नेटवर्क सड़क स्तर तक सक्रिय है। इसके बाद टीम ने चंपापुर कोइरिया स्थित विभिन्न खाद दुकानों पर एक-एक कर कार्रवाई की। यादव खाद भंडार में जांच के दौरान 8 बोरा खाद स्टॉक से गायब पाया गया। जब दुकानदार से इसका जवाब मांगा गया तो वह कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए प्रशासन ने उसके लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा जिला कृषि पदाधिकारी को भेज दी है, जिससे उस पर बड़ी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। सबसे चौंकाने वाला खुलासा ओम सांई कृषि सेवा केंद्र में हुआ, जहां छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में खाद का संदिग्ध स्टॉक मिला। गोदाम में 326 बोरा यूरिया और 270 बोरा फास्फेटिक खाद जमा कर रखा गया था। जांच में यह भी सामने आया कि POS मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में 50 बोरा का अंतर है। इतना ही नहीं, 25 बोरा यूरिया बिना किसी बिल के अवैध रूप से रखा गया था। यह पूरी स्थिति स्पष्ट रूप से कालाबाजारी और अवैध भंडारण की ओर इशारा करती है। प्रशासन ने इसे किसानों के हक पर सीधा डाका मानते हुए संबंधित विक्रेता के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
विकास खाद भंडार में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई, जहां जांच के दौरान 129 बोरा खाद स्टॉक से कम पाया गया। दुकानदार द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को अधिकारियों ने पूरी तरह असंतोषजनक पाया और बिना देर किए उसके खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि अब किसी भी स्तर की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, जागीरहां स्थित सोनू खाद बीज भंडार की जांच में सभी स्टॉक पूरी तरह सही पाए गए। प्रशासन ने इस दुकान को क्लीन चिट देते हुए यह भी संदेश दिया कि नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। इस पूरी कार्रवाई ने सिकरहना अनुमंडल में एक बड़ा संदेश दिया है कि प्रशासन अब खाद माफियाओं के खिलाफ पूरी तरह आक्रामक रुख अपना चुका है। किसानों को समय पर और सही मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी है कि जो भी किसान के हक का खाद छिपाकर कालाबाजारी करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से न केवल कालाबाजारी पर लगाम लगेगी, बल्कि किसानों को भी राहत मिलेगी, जो अक्सर खाद की किल्लत और ऊंचे दामों से परेशान रहते हैं। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब सिकरहना में खाद के काले कारोबार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।

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