- कटिहार में कस्टडी डेथ पर खूनी बवाल: ‘हाजत’ में मौत के बाद थाने पर धावा, पुलिस को पीटा, रायफल लूट
कटिहार: बिहार के कटिहार जिले का फलका थाना शनिवार को उस वक्त दहशत और हिंसा का केंद्र बन गया, जब पुलिस हिरासत में 24 वर्षीय राकेश कुमार यादव की मौत की खबर आग की तरह फैल गई। गुस्साई भीड़ सड़कों से उठकर सीधे थाने तक पहुंची और कानून को खुली चुनौती दे डाली।
उग्र भीड़ का तांडव
स्टेट हाईवे-77 को जाम कर प्रदर्शन शुरू हुआ, लेकिन देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। भीड़ ने पुलिस पर पत्थर बरसाए, जवानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा—कई पुलिसकर्मी खून से लथपथ हो गए।
थाना बना निशाना, रायफल लूटी
हिंसा का उफान इतना खतरनाक था कि भीड़ फलका थाना में घुस गई, गेट तोड़ डाला और अंदर जमकर तोड़फोड़ की। सरकारी संपत्ति को तहस-नहस कर दिया गया। इसी दौरान एक सिपाही की सरकारी रायफल छीन ली गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मौत पर बड़ा सवाल
राकेश यादव को दो दिन पहले बाइक छिनतई के शक में हिरासत में लिया गया था। पुलिस का दावा—हाजत में आत्महत्या की कोशिश के बाद हालत बिगड़ी और इलाज के दौरान मौत हुई।-लेकिन परिजनों का आरोप “पुलिस ने पूछताछ के नाम पर पीट-पीटकर हत्या कर दी!”.
अफसर भी जख्मी
भीड़ के हमले में पोठिया ओपी अध्यक्ष नवीन कुमार और सिपाही संजीव कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात इतने बिगड़े कि पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदलना पड़ा।
तुरंत कार्रवाई, पर सवाल बरकरार
कटिहार एसपी ने थानाध्यक्ष रवि कुमार राय और जांच अधिकारी कुंदन कुमार पटेल को निलंबित कर दिया है। लेकिन सवाल अब भी खड़ा है—
अगर सब कुछ सामान्य था, तो हाजत में मौत कैसे हुई?
सियासी हमला तेज
सांसद पप्पू यादव ने पुलिस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा—“बिहार में कानून नहीं, पुलिसिया अत्याचार चल रहा है… राकेश की हत्या हुई है।”
फलका में फिलहाल सन्नाटा और तनाव साथ-साथ है…
सवाल एक—कस्टडी में मौत, हादसा या साजिश?