- हथियारों की जखीरा मिलने के मामले मे मुरारपुर के मुखिया को मिली जमानत।
जेल से घर आने पर मुखिया ने कहा, मुरारपुर के विकास के लिए है समर्पित।
हरसिद्धि। प्रखंड अंतर्गर्त मुरारपुर पंचायत की मुखिया फरजाना अंसारी करीब सात महीने बाद जेल से रिहा होकर गुरुवार को अपने घर पहुंचीं। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई, जिसके बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में उनके समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। घर पहुंचने पर समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बताया जाता है कि 12 सितंबर 2025 को पुलिस ने मुरारपुर स्थित मुखिया फरजाना अंसारी के आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसी दिन मुखिया फरजाना अंसारी और उनके पति कमरुद्दीन अंसारी उर्फ ढोलकवा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद से ही वे जेल में बंद थीं। करीब सात माह तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद अब उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई है। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे मुरारपुर पंचायत के विकास के लिए पहले की तरह ही समर्पित होकर काम करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि पंचायत की जनता ही उनका परिवार है और उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ी रहेंगी।फरजाना अंसारी ने यह भी कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे कानून का सम्मान करती हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और क्षेत्र के विकास में सहयोग करें। इधर, मुखिया के रिहा होकर घर लौटने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे और उन्हें बधाई दी। समर्थकों ने कहा कि उन्हें अपनी नेता पर पूरा भरोसा है और वे पंचायत के विकास के लिए लगातार काम करती रही हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी भी जारी है। आने वाले समय में न्यायालय के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।