शराबबंदी बनी ‘मौतबंदी’! मोतिहारी त्रासदी पर तेजस्वी का वार, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

  • शराबबंदी बनी ‘मौतबंदी’! मोतिहारी त्रासदी पर तेजस्वी का वार, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

मोतिहारी:बिहार में शराबबंदी कानून एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मोतिहारी में जहरीली शराब ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। इस दर्दनाक घटना में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है और कई अन्य जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
इस हृदयविदारक हादसे ने राज्य की शराबबंदी व्यवस्था की सच्चाई को उजागर कर दिया है। मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे “इत्तेफाक नहीं, बल्कि फेल होती व्यवस्था का खौफनाक नतीजा” बताया। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत जहरीली शराब से हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी आंकड़े हैं, जबकि असल स्थिति इससे कहीं ज्यादा भयावह है। कई लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी तक गंवा दी है, जो इस नीति की गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराबबंदी अब जनहित का कानून नहीं रह गया है, बल्कि यह “सत्ता संरक्षित भ्रष्ट तंत्र” और शराब माफियाओं के लिए कमाई का जरिया बन चुका है। तेजस्वी ने यह भी कहा कि पुलिस की मिलीभगत से राज्य में अवैध शराब का धंधा फल-फूल रहा है—जहरीली शराब बनाई जा रही है, खुलेआम बेची जा रही है और घर-घर पहुंचाई जा रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर बिहार में शराबबंदी की प्रभावशीलता, प्रशासनिक जवाबदेही और कानून के क्रियान्वयन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष जहां सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं आम जनता भी इस त्रासदी के बाद जवाब मांग रही है।

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