- मोतिहारी में सरस्वती पूजा के लिए कड़े नियम जारी, जुलूस में हथियार और डीजे पर प्रतिबंध
- SP का कड़ा फरमान, नियम तोड़ा तो होगी कार्यवाई
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिला में सरस्वती पूजा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाए जाने की पुलिस ने लोगों से अपील की है। उन्होंने कहा कि मद्यपान से पूर्णता दूर रहे एवं दूसरों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करें। शांतिपूर्ण एवं सौहार्द के वातावरण में सरस्वती पूजा पर्व मनाएं। अफवाहों से दूर रहे और किसी भी प्रकार की सूचना के लिए पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि मोतिहारी पुलिस सोसल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखेगी। कहा कि सरस्वती पूजा पर विसर्जन जुलूस के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस वाले जुलूस को विधि-विरूद्ध नाजायज मजमा माना जाएगा और जुलूस में शामिल व्यक्तियों के साथ विशेषकर आयोजक दंड के भागी होंगे। सभी व्यक्तियों पर बीएनएस एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। लाइसेंस के आवेदन में आयोजकों का नाम, पता, फोन नंबर और फोटो युक्त आईडी संलग्न करना अनिवार्य है। प्रत्येक आवेदन में न्यूनतम 10 से 15 आयोजक, अनुज्ञप्ति धारी का नाम प्रस्तावित करें। वहीं, प्रत्येक जुलूस में कम से कम 10 प्रतिशत व्यक्ति को जुलूस नियंत्रण के लिए वालेंटियर के रूप में लगाना होगा, जिनके नाम की सूची लाइसेंस आवेदन के साथ लगानी होगी। बिना दस्तावेज के साथ दिए गए आवेदन अस्वीकृत कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विसर्जन जुलूस के साथ लाइसेंस धारी स्वयं उपस्थित रहकर लाइसेंस साथ रखेंगे। पुलिस के मांगे जाने पर लाइसेंस दिखाएंगे। निर्गत लाइसेंस में दिए गए शर्तों का पालन करेंगे। जुलूस के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए अनुज्ञप्ति धारी एवं उसके सहयोगी मुख्य रूप से जिम्मेदार होंगे। सभी आयोजक जुलूस के शांतिपूर्ण आयोजन, जुलूस में प्रभावशाली कार्यकर्ता का चयन कर शरारती तत्वों पर नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों को जुलूस में शामिल नहीं होने देने का पर्याप्त प्रबंध कर लेंगे। निर्धारित तिथि और समय के अंदर ही जुलूस प्रारंभ एवं समापन कर लेंगे। विसर्जन के दौरान लाइसेंस में चिन्हित रूट से ही जुलूस निकालेंगे। उन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा और जुलूस में डीजे पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। यदि कही डीजे का इस्तेमाल करते हुए पाया जाएगा तो उसे जब्त कर डीजे संचालक एवं आयोजक पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। जुलूस में तलवार, आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी-भाला, गंडासा या अन्य हथियार का सार्वजनिक प्रदर्शन गैरकानूनी है। सभी प्रकार के हथियार प्रदर्शन पर पूर्णतः प्रतिबंध है। कट्टरपंथी, असामाजिक, सांप्रदायिक एवं असामाजिक तत्वों पर पुलिस की सतत निगरानी रखी जा रही है। बिहार राज्य में पूर्ण शराबबंदी है। शराब पीकर हुड़दंग करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी जुलूस सीसीटीवी वीडियोग्राफी की निगरानी में रहेंगे। सौहार्द बिगड़ने का प्रयास न करें अन्यथा ऐसा करने पर सामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।