- नशे के सौदागरों पर स्वर्ण प्रभात का शिकंजा, 100 मामलों में हुई दोषसिद्धि
- एनडीपीएस के तहत सजायाफ्ता मामलों की तैयार हुई विस्तृत विवरणी, तस्करी के खिलाफ मोतिहारी पुलिस की कार्रवाई को मिली कानूनी मजबूती
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को अब दोषसिद्धि के रिकॉर्ड से भी मजबूती मिलती दिख रही है। मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े 100 सजायाफ्ता मामलों की क्रमवार विवरणी तैयार की गयी है। एनडीपीएस एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के बाद दोषसिद्धि दर्ज है। यह रिकॉर्ड नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस और कानून के बढ़ते शिकंजे की तस्वीर सामने रखता है। मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में जिले में अपराध नियंत्रण के साथ मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। नशे के कारोबार से जुड़े मामलों में केवल गिरफ्तारी और बरामदगी तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय मामलों को कानूनी प्रक्रिया के मुकाम तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में 100 सजायाफ्ता मामलों की विवरणी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उपलब्ध रिकॉर्ड में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामलों का उल्लेख है। इनमें बड़ी संख्या में धारा 20(b)(ii)(C) के मामले शामिल हैं। इसके अलावा धारा 20(b)(ii)(A), 20(b)(ii)(B), 21, 22, 23, 25 और 29 समेत अन्य प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है। कई मामलों में एक से अधिक धाराओं के तहत कार्रवाई दर्ज है। धारा 20(b)(ii)(C) समेत विभिन्न धाराओं का उल्लेख यह बताता है कि सूची में मादक पदार्थों से जुड़े गंभीर प्रकृति के मामले भी शामिल हैं। कुछ मामलों में अवैध परिवहन, व्यावसायिक मात्रा और अन्य संबंधित अपराधों के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गयी है। हालांकि उपलब्ध पार्स्ड विवरण में प्रत्येक मामले के आरोपी का नाम, बरामदगी की मात्रा, सजा की अवधि, न्यायालय और फैसले की तारीख अलग-अलग स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, दोषसिद्धि तक पहुंचाने पर जोर
नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मामला दर्ज होने के बाद उसे मजबूत अनुसंधान और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जाए। 100 सजायाफ्ता मामलों का रिकॉर्ड इसी कड़ी में महत्वपूर्ण है। इससे यह संकेत मिलता है कि एनडीपीएस से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस की कार्रवाई को न्यायिक परिणाम तक पहुंचाने पर भी फोकस किया जा रहा है।
एसपी स्वर्ण प्रभात की रणनीति में अपराध पर लगातार प्रहार
मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। नशे का कारोबार युवाओं और समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे में तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ मामलों की कानूनी पैरवी और दोषसिद्धि पर जोर पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाता है। 100 सजायाफ्ता मामलों का रिकॉर्ड इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, एनडीपीएस एक्ट के मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता, साक्ष्य का संरक्षण और न्यायालय में प्रभावी पैरवी दोषसिद्धि के लिए बेहद अहम होती है। ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई तभी प्रभावी मानी जाती है, जब आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को न्यायिक कसौटी पर भी मजबूती से साबित किया जा सके। मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ तैयार की गयी 100 मामलों की यह विवरणी जिले में नशे के अवैध कारोबार पर चल रही कानूनी कार्रवाई का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है। एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में पुलिस के स्तर से नशे के कारोबार पर लगातार शिकंजा कसने की कोशिश और मामलों को कानूनी अंजाम तक पहुंचाने की दिशा में यह रिकॉर्ड अहम माना जा रहा है।