- खाद के अवैध कारोबार पर पुलिस का करारा प्रहार, 39 बोरा खाद जब्त, कारोबारी गिरफ्तार
- घोड़ासहन के राजवाड़ा में गुप्त सूचना पर कृषि विभाग-पुलिस की संयुक्त छापेमारी से मचा हड़कंप,
- बिना लाइसेंस खाद बेचने का खुलासा,
- गोदाम से भारी मात्रा में खाद बरामद,
- रामाधार महतो गिरफ्तार
घोड़ासहन। किसानों के लिए जरूरी खाद की बिक्री में नियमों को ताक पर रखकर चल रहे अवैध कारोबार के खिलाफ घोड़ासहन में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर कृषि विभाग और घोड़ासहन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने राजवाड़ा गांव में छापेमारी कर 39 बोरा खाद बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान बिना लाइसेंस खाद की बिक्री करने के मामले में रामाधार महतो, पिता स्वर्गीय बाबूलाल महतो को गिरफ्तार किया गया है। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में खाद के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, घोड़ासहन थाना क्षेत्र के राजवाड़ा गांव में रामाधार महतो द्वारा बिना वैध लाइसेंस के खाद की बिक्री किए जाने की सूचना पुलिस और कृषि विभाग को मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी, घोड़ासहन एवं घोड़ासहन थाना की टीम ने संयुक्त रूप से संबंधित ठिकाने पर छापेमारी की। टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। तलाशी के दौरान गोदाम से 39 बोरा खाद बरामद किया गया।
गुप्त सूचना बनी कार्रवाई का आधार
पुलिस की कार्रवाई को लेकर जारी सूचना के अनुसार, अवैध रूप से खाद की बिक्री किए जाने की गुप्त सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई। विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर खाद के भंडारण एवं बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान बिना लाइसेंस खाद की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया, जिसके बाद खाद को जब्त करते हुए संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया।
किसानों के हक की खाद पर अवैध कारोबार का शिकंजा
खेती के मौसम में खाद किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कृषि इनपुट में शामिल है। ऐसे समय में बिना लाइसेंस खाद की बिक्री और अवैध भंडारण का मामला सामने आना गंभीर माना जा रहा है। खाद की बिक्री के लिए निर्धारित नियमों और लाइसेंस की अनिवार्यता के बावजूद यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे कारोबार करता है तो इससे किसानों को निर्धारित दर और उचित मात्रा में खाद मिलने में परेशानी हो सकती है। राजवाड़ा में हुई कार्रवाई ने यह भी साफ कर दिया है कि कृषि विभाग और पुलिस की नजर अब खाद के अवैध कारोबार पर है। गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई से उन लोगों में भी बेचैनी बढ़ गई है, जो नियमों को दरकिनार कर खाद के कारोबार में जुटे हुए हैं।
सिर्फ 39 बोरा जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी जांच?
कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरामद खाद आखिर कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था? पुलिस और कृषि विभाग के लिए यह भी जांच का विषय है कि बिना लाइसेंस खाद की बिक्री का यह कारोबार केवल इसी स्थान तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। जांच में खाद की खरीद, भंडारण और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों तथा संभावित आपूर्ति स्रोतों की पड़ताल की जा सकती है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।
घोड़ासहन थाना में दर्ज हुआ मामला
इस मामले को लेकर घोड़ासहन थाना कांड संख्या 324/26 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार रामाधार महतो के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और बरामद खाद के संबंध में आवश्यक कानूनी एवं विभागीय प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
कार्रवाई से अवैध कारोबारियों को कड़ा संदेश
राजवाड़ा में हुई यह कार्रवाई खाद के अवैध कारोबारियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कृषि सामग्री की बिक्री में नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है। गुप्त सूचना पर तत्काल संयुक्त कार्रवाई कर 39 बोरा खाद की बरामदगी और एक व्यक्ति की गिरफ्तारी से विभाग ने अपनी सक्रियता दिखाई है। अब निगाह इस बात पर है कि जांच आगे बढ़ने पर इस अवैध खाद कारोबार की जड़ें कहां तक पहुंचती हैं और क्या इसके पीछे किसी बड़े आपूर्ति तंत्र की भूमिका सामने आती है। किसानों के नाम पर आने वाली खाद यदि नियमों को दरकिनार कर बाजार में खपाई जा रही है तो ऐसे मामलों में केवल एक ठिकाने पर कार्रवाई के बजाय पूरे नेटवर्क तक पहुंचना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।