- डेढ़ बीघा जमीन के विवाद में सरपंच की पीट-पीटकर हत्या, बक्सर में सड़क जाम; थानाध्यक्ष की बर्खास्तगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
बक्सर: बिहार के बक्सर जिले में जमीन विवाद ने एक जनप्रतिनिधि की जान ले ली। इटाढ़ी थाना क्षेत्र के चिलबिला गांव में डेढ़ बीघा जमीन को लेकर हुए खूनी संघर्ष में कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। जानकारी के अनुसार गुरुवार को चिलबिला गांव में धान की रोपनी का कार्य चल रहा था। इसी दौरान सरपंच सुभाष सिंह बाइक से अपने खेत पर पहुंचे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद उनके पाटीदारों ने उन पर अचानक लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। हमले की सूचना मिलते ही उनके दोनों पुत्र अखिलेश सिंह और विंटेस सिंह पिता को बचाने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। परिजनों का आरोप है कि तेज बहादुर सिंह (पिता- स्व. रामबचन सिंह), विनोद सिंह (पिता- भोला सिंह) समेत 15 से 20 लोगों ने मिलकर तीनों पर बेरहमी से हमला किया। मारपीट में सरपंच और उनके दोनों पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को बक्सर सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान सरपंच सुभाष सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं उनके दोनों पुत्रों का अस्पताल में इलाज जारी है। सरपंच की मौत की खबर फैलते ही परिजन, ग्रामीण और जिले के विभिन्न पंचायतों के सरपंच बड़ी संख्या में सदर अस्पताल पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने इटाढ़ी थाना प्रभारी सोनू पासवान को तत्काल बर्खास्त करने, सभी नामजद आरोपितों की अविलंब गिरफ्तारी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पंचायत प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों को समझाने में जुटी रही। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
