- मोतिहारी में सड़क किनारे अतिक्रमण पर बड़ा प्रहार, सुगौली की सब्जी मंडी होगी शिफ्ट, सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए DM के सख्त आदेश
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन अब निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है। जिले के सभी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और प्रमुख ग्रामीण सड़कों के किनारे वर्षों से फैले स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। सड़कों पर लगने वाले अवैध बाजार, कब्जे, अवैध पार्किंग और यातायात में बाधा बनने वाले सभी अतिक्रमण को चिन्हित कर हटाने का निर्देश जारी किया गया है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने स्पष्ट कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अक्षरशः पालन होगा और सड़क सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला सड़क सुरक्षा समिति की उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, नगर आयुक्त आशीष कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, सदर एसडीओ, डीएसपी मुख्यालय, सदर एसडीपीओ, एनएचएआई, राष्ट्रीय राजमार्ग, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, एनफोर्समेंट सब इंस्पेक्टर (ईएसआई) तथा जिले के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा, अतिक्रमण हटाने की रणनीति, ट्रैफिक प्रबंधन और ब्लैक स्पॉट की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि एनएच डिवीजन कोटवा द्वारा सड़क किनारे किए गए स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमण का सर्वे कर 600 लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। वहीं एनएच डिवीजन मोतिहारी ने 500 लोगों को नोटिस भेजा है। इसके अलावा चकिया-केसरिया मार्ग पर 28 तथा मधुबन अंचल में 27 लोगों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद बिना किसी भेदभाव के अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाए। बैठक में सुगौली नगर पंचायत का मामला विशेष रूप से उठा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मुख्य सड़क पर किसी भी स्थिति में सब्जी बाजार नहीं लगना चाहिए। नगर पंचायत प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर बाजार को वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि सड़क पर जाम की समस्या समाप्त हो और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। जिलाधिकारी ने सभी एनफोर्समेंट सब इंस्पेक्टर (ईएसआई) को निर्देश दिया कि सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाएं। जिला परिवहन पदाधिकारी को भी पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया। बैठक में पिपरा कोठी ओवरब्रिज के नीचे बनाए गए ट्रैफिक चेक पोस्ट की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि चेक पोस्ट का निर्माण पूरा हो चुका है, अब वहां ट्रैफिक पुलिस और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जानी है। डीएम ने इसे शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। छतौनी (मोतिहारी) में लगातार लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं को देखते हुए डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सर्विस रोड का निर्माण तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। परियोजना प्रबंधक ने बताया कि मोतिहारी से रक्सौल जाने वाली लेफ्ट साइड सर्विस रोड तैयार हो चुकी है और तीन-चार दिनों में आसपास की मिट्टी हटाकर आवागमन पूरी तरह सुचारू कर दिया जाएगा। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि सड़क के किनारे बने सभी गड्ढों को तत्काल भरा जाए और सड़क पूरी तरह मोटरेबल बनाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खराब सड़क के कारण कोई दुर्घटना हुई तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बंजरिया थाना के पास सड़क किनारे लंबे समय से जब्त वाहनों के खड़े रहने का मामला भी बैठक में उठा। अधिकारियों ने बताया कि थाना का नया भवन तैयार हो चुका है और शीघ्र ही सभी जब्त वाहनों को वहां स्थानांतरित कर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने मोतीझील मरीन ड्राइव का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मरीन ड्राइव से शहर की कई गलियां सीधे जुड़ती हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उन्होंने पथ निर्माण विभाग को सभी ऐसे स्थानों पर स्पीड ब्रेकर लगाने और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं को भी निर्देश दिया गया कि वे नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्र की सड़कों का निरीक्षण करें। जहां कहीं भी सड़क किनारे अतिक्रमण मिले, वहां संबंधित अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के सहयोग से तत्काल कार्रवाई करें। साथ ही सभी सड़कों का सर्वे कर एक सप्ताह के भीतर उनका फिटनेस सर्टिफिकेट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। समीक्षा में सामने आया कि जनवरी 2026 से 31 मई 2026 तक जिले में 213 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। इन हादसों में 176 लोगों की जान गई, जबकि 98 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में दुर्घटनाओं में कुछ कमी आई है, लेकिन जिलाधिकारी ने इसे पर्याप्त नहीं माना और अधिकारियों को दुर्घटनाओं में और कमी लाने के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले के सभी दुर्घटना संभावित हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर, ब्लिंकिंग लाइट, स्पीड कैमरा और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। जहां राष्ट्रीय राजमार्ग से ग्रामीण सड़कें जुड़ती हैं या अनधिकृत कट बने हुए हैं, वहां भी स्पीड ब्रेकर और स्पीड लिमिट के संकेतक लगाए जाएं ताकि तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। जिलाधिकारी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों का पूरा विवरण आई-रैड (i-RAD) पोर्टल पर समय पर दर्ज करें, ताकि मृतकों के परिजनों को सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा बिना किसी विलंब के मिल सके। इसके साथ ही ‘राहबीर (गुड समेरिटन)’ योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले लोगों की सूची शीघ्र भेजने का भी निर्देश दिया गया, ताकि आगामी 15 अगस्त के मुख्य समारोह में ऐसे नागरिकों को सम्मानित किया जा सके। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सड़क पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, अव्यवस्थित बाजार और खराब सड़कों के कारण यदि किसी की जान जाती है तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाकर पूर्वी चंपारण की सड़कों को सुरक्षित, अतिक्रमण मुक्त और सुगम बनाने का निर्देश दिया।
