- अंत्येष्टि के बाद नदी में नहाना पड़ा भारी: पसाह नदी की तेज धार ने छीन ली 14 वर्षीय साक्षर की जिंदगी, घंटों बाद SDRF ने मिट्टी में धंसा शव निकाला
छौड़ादानो (पूर्वी चंपारण)। पूर्वी चंपारण के छौड़ादानो प्रखंड अंतर्गत दरपा थाना क्षेत्र के भतनहिया गांव में गुरुवार को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अपने परिजन की अंत्येष्टि में शामिल होने गया 14 वर्षीय किशोर साक्षर कुमार को क्या पता था कि यह दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा। दाह संस्कार के बाद दोस्तों के साथ पसाह नदी में स्नान करने उतरा किशोर तेज धार की चपेट में आ गया और देखते ही देखते नदी की अथाह गहराइयों में समा गया। घंटों तक चली तलाश के बाद एसडीआरएफ की टीम ने उसका शव नदी के अंदर मिट्टी में धंसा हुआ बरामद किया। शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। मृतक की पहचान भतनहिया पंचायत के वार्ड संख्या-11 निवासी सुनील कुमार गुप्ता के ज्येष्ठ पुत्र साक्षर कुमार (14 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि गुरुवार सुबह परिवार के पट्टीदारी में एक बुजुर्ग की मृत्यु हो गई थी। साक्षर भी अंतिम संस्कार में शामिल होने श्मशान घाट गया था। दाह संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह अपने कुछ दोस्तों के साथ पास बह रही पसाह नदी में स्नान करने चला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी में उतरने के कुछ ही देर बाद साक्षर तेज बहाव की चपेट में आ गया। उसने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वह गहरे पानी में समाता चला गया। साथ मौजूद किशोरों ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगाकर उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलते ही दरपा थाना पुलिस, अंचल प्रशासन और स्थानीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ के जवानों ने नदी के भीतर काफी दूर तक खोजबीन की। आखिरकार किशोर का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर नदी के अंदर मिट्टी में धंसा हुआ मिला। शव बाहर निकालते ही वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। शव देखते ही साक्षर की मां बेहोश हो गईं, जबकि पिता और अन्य परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। जिसने भी यह दृश्य देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। गांव के लोग लगातार परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। दरपा थानाध्यक्ष अनीश कुमार ने बताया कि शुरुआती दौर में परिजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे। काफी समझाने-बुझाने के बाद वे राजी हुए। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेजा गया। मौके पर अंचलाधिकारी रंजन बैठा भी मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। भतनहिया पंचायत के पूर्व मुखिया मुकेश कुमार यादव ने बताया कि हर वर्ष बरसात के मौसम में पसाह नदी और आसपास के इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलें बर्बाद होती हैं और नदी में डूबने की घटनाएं भी लगातार सामने आती हैं। उन्होंने प्रशासन से नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने, संवेदनशील घाटों की पहचान करने और सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की मांग की। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बरसात के मौसम में नदियों और जलाशयों के बढ़ते खतरे की ओर ध्यान खींचा है। एक पल की लापरवाही ने एक परिवार का इकलौता सहारा छीन लिया। भतनहिया गांव में हर ओर शोक का माहौल है और लोग साक्षर की असमय मौत को याद कर स्तब्ध हैं।
अंत्येष्टि से लौटकर नदी में नहाने गया किशोर, तेज धार में डूबने से मौत, घंटों बाद SDRF ने बरामद किया शव
