नेपाल की मूसलाधार बारिश से उत्तर बिहार में बाढ़ का बड़ा संकट, गंडक-बागमती उफान पर, सैकड़ों घर डूबे, हजारों लोगों पर खतरा

  • नेपाल की मूसलाधार बारिश से उत्तर बिहार में बाढ़ का बड़ा संकट, गंडक-बागमती उफान पर, सैकड़ों घर डूबे, हजारों लोगों पर खतरा

पटना/बगहा/सीतामढ़ी/मोतिहारी। नेपाल के जलग्रहण एवं तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तर बिहार में बाढ़ का गंभीर संकट पैदा कर दिया है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक, बागमती, दुधौरा समेत कई नदियां उफान पर हैं। कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिससे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी सहित सीमावर्ती जिलों के निचले इलाकों में तेजी से बाढ़ का पानी फैलने लगा है। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। सबसे गंभीर स्थिति पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल में बनी हुई है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से बीती रात 2 लाख 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसके प्रभाव से पिपरासी और मधुबनी प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मधुबनी प्रखंड की सिसई और चिउरही पंचायत सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं, जहां 300 से अधिक घर पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। घरों में कई फीट पानी घुस जाने से लोग अपना सामान छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। अनेक परिवार तटबंधों, स्कूलों और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ के कारण गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूटने लगा है। कई ग्रामीण मार्ग पानी में डूब गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। खेतों में लगी धान और मक्का की फसलें जलमग्न होने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। पशुओं के लिए चारे और पीने के पानी का भी संकट गहराने लगा है। वहीं सीतामढ़ी जिले में बागमती और दुधौरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, नाव और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के सीमावर्ती इलाकों में भी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन जलस्तर की पल-पल निगरानी कर रहा है। यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा और गंडक बराज से पानी छोड़े जाने की मात्रा बढ़ी, तो जिले के कई निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और गहरा सकता है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में नेपाल और उत्तर बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का सीधा असर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है। ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे उत्तर बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी किनारे जाने से बचें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। आपदा प्रबंधन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

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