मोतिहारी में रात के अंधेरे में चल रहा था मिट्टी का काला कारोबार, बंजरिया में हथियार के साथ दबोचे गए आरोपी”

  • मिट्टी माफियाओं पर मोतिहारी पुलिस का बड़ा प्रहार, बंजरिया में रातों-रात चला बुलडोजरनुमा एक्शन; 2 गिरफ्तार, 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार, बाइक और देसी पिस्टल बरामद

मोतिहारी/बंजरिया। पूर्वी चंपारण में अवैध मिट्टी कटाई और खनन के धंधे पर लगाम लगाने के लिए मोतिहारी पुलिस ने एक बार फिर सख्त तेवर दिखाए हैं। बंजरिया थाना क्षेत्र के अजगरी गांव में चल रहे अवैध मिट्टी कारोबार के खिलाफ पुलिस ने ऐसी कार्रवाई की है, जिसने मिट्टी माफियाओं के पूरे नेटवर्क में खलबली मचा दी है। गुप्त सूचना पर देर रात की गई छापेमारी में पुलिस ने न सिर्फ अवैध मिट्टी कटाई में लगे वाहनों को जब्त किया, बल्कि एक देसी पिस्टल की बरामदगी ने इस पूरे खेल के पीछे छिपे आपराधिक गठजोड़ की ओर भी संकेत कर दिया है। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 24 जून 2026 की रात सूचना मिली कि बंजरिया थाना क्षेत्र के अजगरी गांव में बड़े पैमाने पर सरकारी नियमों को ताक पर रखकर मिट्टी की अवैध कटाई की जा रही है। सूचना मिलते ही बंजरिया पुलिस हरकत में आई और एक विशेष टीम गठित कर मौके पर दबिश दी गई। पुलिस के पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। कई लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने अवैध कारोबार की गहराई को उजागर कर दिया। मौके से मिट्टी लदे चार ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक बोलेनो कार, तीन मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और एक देसी पिस्टल बरामद की गई। एक साधारण मिट्टी कटाई के मामले में हथियार की बरामदगी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर अवैध खनन के धंधे में हथियार की क्या जरूरत थी? क्या इस कारोबार के पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है? क्या सरकारी जमीनों और संसाधनों की लूट को संरक्षण देने के लिए हथियारों का सहारा लिया जा रहा था? इन तमाम बिंदुओं पर अब पुलिस जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मो. शकीब, पिता शेख जब्बार, निवासी अजगरी युरिखवा टोला, थाना बंजरिया तथा मो. हसन राशिद, पिता अब्दुल खालिद, निवासी लक्ष्मीपुर मधुमलती, थाना सुगौली के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में इस अवैध कारोबार से जुड़े कई अन्य नाम सामने आ सकते हैं। जानकारों की मानें तो पूर्वी चंपारण के कई इलाकों में अवैध मिट्टी कटाई लंबे समय से एक संगठित कारोबार का रूप ले चुकी है। रात के अंधेरे में खेतों, सरकारी भूमि और विभिन्न स्थानों से मिट्टी काटकर उसकी ढुलाई की जाती है। इससे जहां सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है, वहीं पर्यावरणीय संतुलन और कृषि भूमि भी प्रभावित होती है। कई बार स्थानीय लोगों ने इस तरह की गतिविधियों की शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसे में बंजरिया पुलिस की यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संदेश मानी जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब चार-चार ट्रैक्टर, कार और अन्य वाहन लगातार इस काम में लगे हुए थे तो आखिर इतने दिनों तक यह धंधा किसके संरक्षण में फल-फूल रहा था? क्या केवल गिरफ्तार दो लोग ही इसके जिम्मेदार हैं या फिर इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है? पुलिस अब इसी कड़ी को जोड़ने में जुटी है। बरामद मोबाइल फोन की जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है। मोतिहारी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, भूमि माफिया, शराब तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों। पुलिस का कहना है कि फरार लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है। बंजरिया की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब अवैध कारोबारियों के लिए जिले में खुली छूट का दौर समाप्त हो चुका है। प्रशासन का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—सरकारी संपत्ति की लूट, पर्यावरण से खिलवाड़ और कानून को चुनौती देने वालों के लिए अब जेल के दरवाजे तैयार हैं।

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