- 531 नए प्रहरी बने बिहार पुलिस की ताकत, मोतिहारी SP स्वर्ण प्रभात का संदेश— “खाकी का सम्मान जनता के विश्वास से बढ़ता है”
मोतिहारी। चंपारण की ऐतिहासिक धरती पर मंगलवार को वह गौरवपूर्ण क्षण आया, जब 531 प्रशिक्षु सिपाहियों ने कठिन प्रशिक्षण की अग्निपरीक्षा पार कर खाकी वर्दी का गौरव अपने कंधों पर धारण किया। बुनियादी प्रशिक्षण केंद्र, मोतिहारी में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड समारोह में कदमताल की गूंज, अनुशासन की चमक और देशसेवा के जज्बे ने पूरे माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। समारोह को संबोधित करते हुए पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि आज प्रशिक्षण पूरा कर रहे ये 531 जवान केवल नई नियुक्तियां नहीं हैं, बल्कि बिहार पुलिस की नई शक्ति, नया आत्मविश्वास और जनता की सुरक्षा का नया संकल्प हैं। उन्होंने कहा कि खाकी वर्दी अधिकार का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, त्याग और सेवा का प्रतीक है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि जब ये युवा प्रशिक्षण केंद्र में आए थे तब वे सामान्य नागरिक थे, लेकिन 270 दिनों की कठोर ट्रेनिंग, अनुशासन, शारीरिक परिश्रम और मानसिक मजबूती ने उन्हें समाज की रक्षा के लिए तैयार एक सशक्त प्रहरी में बदल दिया है। अब इनके कंधों पर कानून का सम्मान, जनता की सुरक्षा और न्याय की रक्षा की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पुलिसिंग की चुनौतियां पहले से कहीं अधिक जटिल हो चुकी हैं। साइबर अपराध, संगठित अपराध, सामाजिक तनाव और बदलती तकनीकों के बीच पुलिसकर्मियों को केवल हथियार चलाना ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, विवेक और मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाना होगा। जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। अपने प्रेरणादायी संबोधन में एसपी ने जवानों को याद दिलाया कि किसी भी संकट में फंसा नागरिक सबसे पहले पुलिस को याद करता है। ऐसे में एक सिपाही का व्यवहार ही पूरे विभाग की पहचान बनता है। अपराधियों के प्रति कठोरता और पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता ही खाकी की वास्तविक ताकत है। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, साक्ष्य अधिनियम, फील्ड क्राफ्ट, हथियार संचालन, प्राथमिक उपचार, यातायात प्रबंधन और आधुनिक पुलिसिंग के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण दिया गया। बेहतर और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए स्मार्ट क्लास, आधुनिक संसाधन और अनुभवी प्रशिक्षकों की व्यवस्था भी की गई थी। समारोह में यह भी रेखांकित किया गया कि बिहार पुलिस में ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों की भागीदारी सामाजिक समावेश और समान अवसर की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह दर्शाता है कि सुरक्षा और सेवा के क्षेत्र में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने प्रशिक्षकों, अधिकारियों और जवानों के अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि उनके सहयोग, त्याग और संस्कारों के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। उन्होंने नवप्रशिक्षित जवानों से संविधान की मर्यादा, कानून के शासन और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का आह्वान किया। पासिंग आउट परेड के दौरान गूंजते राष्ट्रभक्ति के नारों और जवानों के जोशीले कदमताल ने यह संदेश दिया कि बिहार पुलिस को अब 531 ऐसे नए सिपाही मिल गए हैं, जो हर चुनौती का सामना करने और समाज की सुरक्षा के लिए हर मोर्चे पर डटकर खड़े रहने को तैयार हैं। खाकी के इन नए प्रहरियों के साथ बिहार पुलिस का सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत तथा प्रभावी बनने जा रहा है।
