- बिहार की सत्ता के सबसे बड़े मंच पर आखिर क्यों ठहर गईं प्रधानमंत्री की निगाहें?
- गांधी मैदान में हजारों लोगों के बीच मोतिहारी सांसद से पीएम मोदी की गर्मजोशी भरी मुलाकात बनी राजनीतिक चर्चा का केंद्र
पटना/ दिव्यांशु रमन सिंह: राजधानी पटना का गांधी मैदान 7 मई को सिर्फ शपथ ग्रहण समारोह का गवाह नहीं बना, बल्कि बिहार की राजनीति में एक ऐसे दृश्य का भी साक्षी बना जिसकी चर्चा अब पूरे राज्य में तेज हो गई है। नई सरकार के गठन, मंत्रिमंडल विस्तार और देश के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के बीच मंच पर हुआ कुछ सेकेंड का एक दृश्य अब राजनीतिक गलियारों में कई मायने निकाल रहा है। कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। बिहार में नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पूरे देश की निगाहें पटना पर टिकी थीं। मंच पर मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और सांसदों की लंबी कतार लगी हुई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मंच पर मौजूद नेताओं से मुलाकात करते हुए आगे बढ़ रहे थे, तब अधिकांश नेता हाथ जोड़कर उनका अभिवादन कर रहे थे। उसी दौरान जैसे ही प्रधानमंत्री की नजर मोतिहारी के सांसद राधामोहन सिंह पर पड़ी, माहौल अचानक बदल गया। प्रधानमंत्री ने बिना देर किए अपना हाथ आगे बढ़ाया और राधा मोहन सिंह से गर्मजोशी से हाथ मिलाया। उस समय वहीं खड़े गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन कर रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान सीधे राधा मोहन सिंह पर केंद्रित दिखा। इतना ही नहीं, हाथ मिलाने के बाद प्रधानमंत्री ने उनके कंधे पर हाथ रखकर कुछ पल बातचीत भी की। मंच पर मौजूद नेता इस पूरे दृश्य को गौर से देखते रह गए। गांधी मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने भी इस क्षण को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। देखते ही देखते यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया। लोग यह सवाल पूछने लगे कि आखिर प्रधानमंत्री ने इतने बड़े मंच पर राधा मोहन सिंह को इस तरह विशेष महत्व क्यों दिया? राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो बिहार की राजनीति में राधा मोहन सिंह का कद हमेशा संगठन और रणनीति के मजबूत चेहरे के रूप में रहा है। भाजपा के पुराने और अनुभवी नेताओं में गिने जाने वाले राधा मोहन सिंह लंबे समय से बिहार की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से दिया गया यह विशेष सम्मान कई राजनीतिक संकेतों की ओर इशारा कर रहा है। नई सरकार के गठन के बाद बिहार में सत्ता संतुलन, संगठन और नेतृत्व को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री का यह व्यवहार केवल औपचारिकता नहीं माना जा रहा। राजनीतिक गलियारों में इसे बिहार भाजपा के भीतर राधा मोहन सिंह की मजबूत पकड़ और केंद्रीय नेतृत्व के विश्वास से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में मौजूद कई नेताओं के चेहरे उस समय देखने लायक थे। मंच पर मुख्यमंत्री से लेकर विधायक और सांसद तक प्रधानमंत्री और राधा मोहन सिंह के बीच हुई इस मुलाकात को ध्यान से देखते नजर आए। कुछ ही सेकेंड का यह दृश्य अब बिहार की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहने वाला है।