चंडीगढ़ में हवा में नहीं, जमीन पर ही ‘ब्लास्ट’ का खौफ — IndiGo फ्लाइट में पावर बैंक फटा, 198 यात्री इमरजेंसी स्लाइड से बाहर, 5 घायल

चंडीगढ़ में हवा में नहीं, जमीन पर ही ‘ब्लास्ट’ का खौफ — IndiGo फ्लाइट में पावर बैंक फटा, 198 यात्री इमरजेंसी स्लाइड से बाहर, 5 घायल

चंडीगढ़। मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया। हैदराबाद से चंडीगढ़ जा रही IndiGo की फ्लाइट 6E-108 में हुए पावर बैंक ब्लास्ट मामले में मिली जानकारी के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब विमान लैंडिंग के बाद पार्किंग की ओर बढ़ रहा था। अचानक एक यात्री के बैग में रखा पावर बैंक ओवरहीट होकर फट गया, जिससे कुछ ही सेकंड में केबिन के अंदर धुआं फैल गया और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
फ्लाइट में मौजूद 198 यात्रियों, 2 बच्चों और 6 क्रू मेंबर्स को तत्काल इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत बाहर निकाला गया। करीब 3:35 बजे इमरजेंसी एग्जिट खोले गए और एयर स्लाइड के जरिए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर लाया गया। इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति भी बनी, जिसमें 5 यात्री घायल हो गए। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी घायलों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और किसी की जान को खतरा नहीं है। कैबिन क्रू की तत्परता इस घटना में बेहद अहम रही। जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, क्रू मेंबर्स ने तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया। बावजूद इसके, केबिन में तेजी से धुआं फैलने के कारण पूरे विमान को खाली कराना जरूरी हो गया। एयरफोर्स की फायर टेंडर टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण में लाई जा चुकी थी। बताया जाता है कि, इंडिगो ने संबंधित विमान को फिलहाल ग्राउंड कर दिया है और उसकी विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने भी इस घटना का संज्ञान लेते हुए एयरलाइन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। प्रारंभिक जांच में पावर बैंक के ओवरहीट होने या बैटरी फेलियर की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अंतिम कारण जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी और सुरक्षा एजेंसियां अब सीसीटीवी फुटेज और यात्रियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि क्या सुरक्षा जांच के दौरान किसी तरह की चूक हुई थी या यह पूरी तरह तकनीकी खराबी का मामला है।
इंडिगो एयरलाइन ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, घटना के बाद सभी यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट के जरिए उनके गंतव्य तक भेज दिया गया है। इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं, खासकर पावर बैंक और लिथियम बैटरी जैसे उपकरणों को लेकर। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल और कैरी नियमों को और सख्त करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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