बेतिया में सनसनीखेज खुलासा: रिश्वतखोरी के वायरल वीडियो से कंगली थानाध्यक्ष सस्पेंड, पुलिस तंत्र में मचा हड़कंप

  • बेतिया में सनसनीखेज खुलासा: रिश्वतखोरी के वायरल वीडियो से कंगली थानाध्यक्ष सस्पेंड, पुलिस तंत्र में मचा हड़कंप

पश्चिम चंपारण: बेतिया से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला बड़ा मामला सामने आया है, जहां कंगली थाना एक बार फिर विवादों में आ गया है। यहां के थानाध्यक्ष पर अपने निजी ड्राइवर के जरिए अवैध वसूली कराने का गंभीर आरोप लगा है। मामला तब सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर ड्राइवर को रिश्वत लेते देखा जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और मामला सीधे वरीय अधिकारियों तक पहुंच गया। जानकारी के मुताबिक, पूरा विवाद सिलेंडर चोरी के एक केस से जुड़ा है। पीड़िता निर्मला देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति प्रमेश कुमार को गिरफ्तार करने के बाद थानाध्यक्ष ने जेल से बचाने के एवज में 4 लाख रुपये की मांग की। जब परिवार इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ रहा, तो आरोपी को जेल भेज दिया गया। इसके बाद थानाध्यक्ष का निजी ड्राइवर घर पहुंचा और “मामला सेट” कराने के नाम पर अलग से पैसों की मांग शुरू कर दी। पीड़िता के अनुसार, पुलिस के दबाव और पति को बचाने की मजबूरी में उन्होंने पहले 49 हजार रुपये नकद दिए। इस दौरान उन्होंने पूरे लेनदेन का वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। आरोप है कि इसके बाद भी वसूली का सिलसिला नहीं रुका और अगले दिन फिर 31 हजार रुपये लिए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ड्राइवर लंबे समय से “मध्यस्थ” के रूप में काम कर रहा था और पैसे नहीं देने वालों को झूठे मामलों में फंसाने या जेल भेजने की धमकी दी जाती थी। जब प्रमेश कुमार जेल से बाहर आए, तब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर मामले की लिखित शिकायत एसपी डॉ. शौर्य सुमन और डीआईजी को दी। शिकायत के साथ वायरल वीडियो, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य भी सौंपे गए। इन ठोस सबूतों के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन के पास कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। एसपी द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद कंगली थाना के थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध वसूली के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच पुलिस के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कानून के रखवाले ही अगर इस तरह के गंभीर आरोपों में घिरेंगे, तो आम जनता न्याय के लिए किस पर भरोसा करेगी।

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