सुगौली के समीप अवध एक्सप्रेस पर पथराव, बी-1 का टूटा कांच

  • सुगौली के समीप अवध एक्सप्रेस पर पथराव, बी-1 का टूटा कांच

सुगौली: समस्तीपुर रेलमंडल के मंझौलिया-सुगौली के बीच शरारती तत्वों ने 19037 बांद्रा टर्मिनस-अवध एक्सप्रेस पर शुक्रवार को पथराव कर दिया। इसमें बी-1 कोच के 15 नम्बर बर्थ के समीप कांच टूट गया। इससे ट्रेन में अफरा तफरी मच गई। गनीमत रही कि कोई हताहत नही हुआ। मामले में कोच अटेंडेंट के लिखित शिकायत पर 387/26 कांड संख्या अज्ञात के विरुद्ध दर्ज की गई है। ज्ञात हो कि हाल ही में पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 26501 बेतिया शहर के पास से गुजर रही थी, तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए थे. इस अचानक हुए हमले से ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों के बीच डर का माहौल बन गया. गनीमत यह रही कि इस पथराव में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। यह घटना बेतिया शहर से सटे प्रजापति हॉल्ट के पास हुई. बताया जा रहा है कि पत्थर सीधे कोच संख्या सी-टू (C-2) की सीट संख्या 53 और 54 के पास वाली खिड़की पर लगे. पत्थरों की चोट इतनी तेज थी कि खिड़की का मजबूत कांच तुरंत दरक कर टूट गया. ट्रेन के भीतर बैठे यात्री कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हमला करने वाले शरारती तत्व अंधेरे का लाभ उठाते हुए झाड़ियों और गलियों में गायब हो गए. बताया जाता है कि समस्तीपुर मंडल के इस रूट पर अवध एक्सप्रेस पर पथराव की घटना नई नही है। इसके पहले वंदे भारत को निशाना बनाया। उससे पहले कांटी और कपरपुरा स्टेशन के बीच भी ऐसी ही पत्थरबाजी हो चुकी है. रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों में जागरूकता की कमी और असामाजिक तत्वों की सक्रियता सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन गई है.जिससे साफ है कि यह रूट लगातार असुरक्षित बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ी चिंता यह है कि बार-बार की घटनाओं के बावजूद ट्रैक किनारे निगरानी और रोकथाम के ठोस इंतजाम नहीं दिखते। रेलवे की गश्त, पेट्रोलिंग और सुरक्षा दावे हर बार घटना के बाद ही सक्रिय होते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी रहती है। रेलवे पुलिस ने इस बार भी वही पुराना आश्वासन दोहराया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द गिरफ्तारी होगी। लेकिन यात्रियों के मन में सवाल अब साफ है—क्या गिरफ्तारी के बाद भी यह खतरनाक खेल रुकेगा या फिर किसी नई ट्रेन के साथ अगली घटना का इंतजार होगा?

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