- प्यार की शादी का खूनी अंजाम: साले ने रची साजिश, बहनोई की हत्या कर चौर में दफनाया, कई और आरोपी निशाने पर
Desk: बिहार के पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर से जुड़ा यह सनसनीखेज हत्याकांड अब और भी पेचीदा और चौंकाने वाला होता जा रहा है। प्रेम विवाह से शुरू हुआ पारिवारिक विवाद धीरे-धीरे ऐसी साजिश में बदल गया, जिसने एक युवक की जान ले ली और पूरे इलाके में दहशत फैला दी। ताजा अपडेट के मुताबिक, यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की करतूत नहीं बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
घटना की शुरुआत 15 अप्रैल की रात से होती है, जब मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना क्षेत्र के अहियापुर बड़ा खुर्सेदा निवासी सुनील कुमार को उनके साले सुमंत कुमार ने फोन कर मिलने के लिए बुलाया। सुनील अपनी स्कूटी से घर से निकले, लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। परिवार ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो 17 अप्रैल को चकदरिया पुल के पास राघवा नदी किनारे उनकी स्कूटी लावारिस हालत में मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया। इसके बाद पत्नी शिल्पी कुमारी ने अपने ही भाई सुमंत कुमार समेत अन्य लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत विशेष टीम का गठन किया और तकनीकी व मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस का शक साले सुमंत कुमार पर गहराता गया। आखिरकार उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले को हत्या की भयावह सच्चाई में बदल दिया।
ताजा अपडेट के अनुसार, सुमंत कुमार ने पहले से ही हत्या की पूरी योजना बना रखी थी। उसने सुनील को भरोसे में लेकर बुलाया और फिर सुनसान इलाके में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को दूर ले जाकर बगही चौर में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए स्कूटी को नदी किनारे छोड़ दिया गया ताकि मामला हादसा या गुमशुदगी जैसा लगे।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बगही चौर पहुंची, जहां जेसीबी से खुदाई कर जमीन में दफन शव को बरामद किया गया। मौके पर एफएसएल टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और पूरे इलाके को सील कर जांच की गई। शव की पहचान मृतक की पत्नी और परिजनों ने की, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि सुनील और शिल्पी ने करीब ढाई साल पहले प्रेम विवाह किया था, जो इंटरकास्ट था। इस शादी से लड़की का परिवार नाराज था और इसी नाराजगी ने धीरे-धीरे हिंसक रूप ले लिया। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या पहले से ही सुनील को धमकियां मिल रही थीं और क्या इस हत्या की साजिश लंबे समय से रची जा रही थी।
लेटेस्ट अपडेट में पुलिस सूत्रों ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस हत्या में सुमंत अकेला नहीं था। उसके साथ 2-3 अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है, जिनकी पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को शक है कि वारदात के दौरान कुछ स्थानीय लोगों की भी मदद ली गई थी, जिन्होंने शव को ठिकाने लगाने में सहयोग किया।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसमें कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैक और चैट्स के जरिए साजिश की परतें खुल रही हैं। डिजिटल फॉरेंसिक टीम इन सबूतों की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके।
इस पूरे ऑपरेशन में केसरिया, बिजधारी और साहेबगंज थाना की पुलिस के साथ-साथ राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद रही। प्रशासनिक स्तर पर इस केस को हाई प्रोफाइल मानते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
घटना के बाद इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है। एक तरफ जहां परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं, वहीं स्थानीय लोग इस तरह की घटनाओं को लेकर चिंता जता रहे हैं। मृतक की पत्नी शिल्पी कुमारी और उनका छोटा बच्चा अब पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं, जिनके सामने भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
यह मामला सिर्फ एक हत्या की घटना नहीं, बल्कि समाज में प्रेम विवाह को लेकर बनी कट्टर सोच और पारिवारिक विरोध के खतरनाक परिणामों को भी उजागर करता है। पुलिस अब इस केस को ऑनर किलिंग के एंगल से भी देख रही है और हर उस कड़ी को जोड़ने में जुटी है, जिससे सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।