- जदयू विधायक पप्पू पांडेय पर पुलिस का बड़ा शिकंजा, वारंट के बाद रेड—फरार विधायक की तलाश तेज
गोपालगंज: जदयू विधायक पप्पू पांडेय के खिलाफ पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन देखने को मिला है। जमीन कब्जाने और फायरिंग जैसे गंभीर आरोपों में कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी होते ही पूरे जिले में हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह एसपी विनय तिवारी खुद मोर्चा संभालते हुए 5 थानों की भारी पुलिस फोर्स के साथ विधायक के पैतृक गांव में ताबड़तोड़ छापेमारी करने पहुंचे, लेकिन कार्रवाई से पहले ही विधायक और उनका भाई फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल को मीरगंज के जितेंद्र कुमार राय ने कुचायकोट थाने में केस दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि बेलवा गांव में करीब 17 एकड़ जमीन पर कब्जा करने के लिए दबंगों ने हमला बोला। मौके पर बने 5 कमरों के ताले तोड़ दिए गए, अपने ताले लगा दिए गए और विरोध करने पर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की गई। पुलिस जांच में इस पूरे खेल के पीछे विधायक और उनके भाई की भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई तेज कर दी गई।
पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। दो स्पेशल टीमें बनाई गई हैं जो लगातार विधायक के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। हथिआ स्थित उनके पेट्रोल पंप समेत कई जगहों पर दबिश दी जा चुकी है। एसपी ने साफ शब्दों में कहा है कि भू-माफियाओं को संरक्षण देने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
वहीं, इस कार्रवाई के बीच विधायक की संपत्ति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पप्पू पांडेय करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। उनके पास कई लग्जरी गाड़ियां, करोड़ों की जमीन और कमर्शियल प्रॉपर्टी है। पत्नी के नाम पर हथियार और भारी मात्रा में सोने के गहने भी दर्ज हैं।
फिलहाल पूरे मामले ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है। पुलिस की लगातार दबिश के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक विधायक गिरफ्त से बाहर रह रहे हैं।