- मोतिहारी में खौफनाक वारदात: ई-रिक्शा चालक की हत्या कर पोखरा में फेंका शव
पूर्वी चंपारण: मोतिहारी जिले में ई-रिक्शा चालक युगल दास की हत्या मामले में जांच अब तेज हो गई है और कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगने की बात सामने आ रही है। विकलांग चालक की हत्या कर शव को सरिसवा पोखरा में फेंके जाने की इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है, वहीं अब पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से मामले को सुलझाने में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में ई-रिक्शा की मूवमेंट कैद हुई है। पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना के दौरान ई-रिक्शा एक स्कूल के पास से गुजरता दिखा है, जिसके आधार पर संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फुटेज को खंगालने के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
इस बीच पुलिस की टेक्निकल टीम ने भी जांच की कमान संभाल ली है। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, कुछ संदिग्ध नंबरों को चिन्हित किया गया है, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
घटनास्थल के पास से बरामद ई-रिक्शा को भी पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि किसी तरह के भौतिक साक्ष्य मिल सकें। वहीं, शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे हत्या के तरीके और समय का सटीक खुलासा हो सकेगा।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मामले की हर बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
इधर, मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने प्रशासन से जल्द न्याय की मांग की है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है और वे अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अपराधी कब तक कमजोर और असहाय लोगों को अपना निशाना बनाते रहेंगे। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा कर अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाना है।