पलनवा थाना परिसर में पुलिस की नाक के नीचे जब्त ट्रक का चक्का खोल रहे दो चोर गिरफ्तार

  • पलनवा थाना परिसर में पुलिस की नाक के नीचे जब्त ट्रक का चक्का खोल रहे दो चोर गिरफ्तार
  • एक चक्का खोल चुके थे, दूसरे के बोल्ट खोलते ही पहुंची पुलिस
  • इस घटना में चौकीदार का पुत्र भी शामिल, थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

रामगढ़वा/अरुण कुमार ओझा। चोरों के हौसले किस कदर बढ़ गए हैं, इसका अंदाजा पलनवा थाना परिसर में हुई इस घटना से लगाया जा सकता है। जिस थाना परिसर में आम लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली जाती है, उसी परिसर में घुसकर चोरों ने पुलिस द्वारा जब्त किए गए ट्रक को निशाना बना दिया। शुक्रवार की रात दो युवक थाना परिसर में खड़े जब्त ट्रक का चक्का खोल रहे थे। वे एक चक्का खोलने में कामयाब भी हो चुके थे और दूसरे चक्के के बोल्ट खोलने में जुटे थे। इसी बीच पुलिस की नजर उन पर पड़ गई और दोनों को मौके पर ही दबोच लिया गया। घटना ने एक साथ कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना परिसर में प्रवेश कर जब्त वाहन तक पहुंचना और फिर उसका चक्का खोलना कोई मामूली घटना नहीं है। इससे साफ है कि आरोपितों को न तो थाना परिसर में पुलिस की मौजूदगी का भय था और न ही जब्त वाहन तक पहुंचने में किसी बड़ी बाधा का अंदेशा। पुलिस की तत्परता ने हालांकि चोरी की कोशिश को सफल होने से पहले ही रोक दिया। मिली जानकारी के अनुसार, पलनवा थाना परिसर में विभिन्न मामलों में जब्त एक ट्रक खड़ा था। शुक्रवार की रात दो युवक चोरी की नीयत से परिसर में पहुंचे। इसके बाद दोनों ने ट्रक का चक्का खोलना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि मेहनत कर एक चक्का खोल लिया गया था। इसके बाद दोनों दूसरे चक्के पर जुट गए। दूसरे चक्के के दो बोल्ट खोलना बाकी था, तभी पुलिस की नजर उन पर पड़ गई। पुलिस ने बिना मौका दिए दोनों को पकड़ लिया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि इसमें एक स्थानीय चौकीदार का पुत्र भी सामिल बताया जा रहा है। यदि यह बात जांच में सही साबित होती है तो मामला और गंभीर हो जाता है, क्योंकि चौकीदार पुलिस व्यवस्था से जुड़ी स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। ऐसे में उसके परिवार के किसी सदस्य द्वारा थाना परिसर में खड़े जब्त वाहन को निशाना बनाए जाने की बात कई सवालों को जन्म देती है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना की पुष्टि करते हुए पलनवा थानाध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि थाना परिसर में खड़े जब्त ट्रक का चक्का खोलते हुए दो लोगों को पकड़ा गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की इस कोशिश में इनके अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस की पूछताछ अब सिर्फ दो आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। जांच का अहम पहलू यह भी है कि दोनों थाना परिसर तक कैसे पहुंचे, उन्हें जब्त ट्रक के बारे में जानकारी कैसे मिली और क्या पहले से वाहन को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं जब्त वाहनों के पुर्जों की चोरी करने वाला कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। थाना परिसर में जब्त वाहन के साथ हुई यह घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। जब्त वाहन किसी मामले में पुलिस की संपत्ति नहीं, बल्कि जांच और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। ऐसे वाहनों से किसी भी पुर्जे की चोरी या छेड़छाड़ मामले की जांच को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में थाना परिसर के भीतर इस तरह की कोशिश होना निगरानी व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़े करता है। एक तरफ पुलिस बाहर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करती है, वहीं दूसरी तरफ थाना परिसर में ही जब्त वाहन को निशाना बनाने की कोशिश पुलिस की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती नजर आती है। हालांकि इस मामले में पुलिस की सजगता से चोरों की कोशिश नाकाम हो गई, लेकिन घटना ने यह सवाल जरूर छोड़ दिया है कि अगर पुलिस की नजर कुछ देर और नहीं पड़ती तो क्या जब्त ट्रक का दूसरा चक्का भी गायब हो जाता? फिलहाल दोनों आरोपित पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। अब निगाह इस बात पर है कि पूछताछ में चोरी की इस कोशिश के पीछे की पूरी कहानी सामने आती है या नहीं और क्या पुलिस इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंच पाती है। थाना परिसर में घुसकर जब्त ट्रक का चक्का खोलने की घटना ने पलनवा पुलिस के सामने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की चुनौती जरूर खड़ी कर दी है।

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