- सुगौली में दो मामलों के आरोपियों पर ₹10-10 हजार का इनाम, महिला की मौत से कथित अवैध नर्सिंग होम तक उठे गंभीर सवाल
सुगौली: प्रखंड में कथित अवैध नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर सवाल एक बार फिर गहराने लगे हैं। बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, उसी अस्पताल पर पूर्व में हुई प्रशासनिक कार्रवाई और अब मामले के आरोपी पर पुलिस द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किये जाने से स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी व्यवस्था कटघरे में है। मामला सुगौली थाना कांड संख्या 449/26 से जुड़ा है। हाता गांव निवासी ओमप्रकाश सहनी ने पत्नी चंदा देवी की मौत को लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी है। प्राथमिकी के अनुसार, चंदा देवी का बच्चेदानी का ऑपरेशन बस स्टैंड चौक स्थित श्वेता स्वास्थ्य इमरजेंसी हॉस्पिटल में कराया गया था। ओमप्रकाश सहनी ने आवेदन में विशुनपुर श्रीपुर निवासी शंभू साह के पुत्र ब्रजेश गुप्ता, उसकी पत्नी बिन्दू देवी और अस्पताल के अन्य स्टाफ पर ऑपरेशन में भूमिका होने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, कथित रूप से गलत तरीके से ऑपरेशन किये जाने के बाद चंदा देवी की हालत बिगड़ गयी और बाद में उनकी मौत हो गयी। मामले को गंभीर बनाने वाला तथ्य यह है कि 2 सितंबर 2026 को इसी श्वेता स्वास्थ्य इमरजेंसी हॉस्पिटल को प्रशासन ने सील किया था। कार्रवाई में सुगौली बीडीओ नूतन किरण, एसीएमओ ए. असद और थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह शामिल थे। अस्पताल के खिलाफ प्राथमिकी और स्वास्थ्य विभाग की टीम के निरीक्षण के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गयी थी। ऐसे में उसी संस्थान से जुड़ी महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद निजी स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जांच का दायरा केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह सकता। यह भी जांच का विषय है कि सुगौली में संचालित निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम का पंजीकरण वैध है या नहीं। गंभीर ऑपरेशन के लिए योग्य चिकित्सक मौजूद हैं या नहीं, ऑपरेशन थियेटर निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं, प्रशिक्षित स्टाफ तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है या नहीं और स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन संस्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाता है या नहीं—इन सभी बिंदुओं पर दस्तावेजी जांच जरूरी है। कांड संख्या 449/26 में पुलिस ने ब्रजेश गुप्ता पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने उसकी तस्वीर और पहचान संबंधी जानकारी सार्वजनिक कर उसके बारे में सूचना देने की अपील की है। पुलिस के जारी विवरण में आरोपी के खिलाफ पूर्व से कई मामले दर्ज होने की बात भी कही गयी है। इधर, सुगौली थाना कांड संख्या 485/26 (एससी/एसटी) में भी पुलिस ने मनोज सहनी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। लेदिहार गांव निवासी रघुनाथ साह के पुत्र शिवशंकर साह ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि 21 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे मनोज सहनी 20-30 लोगों के साथ उनके घर पहुंचा। आरोप है कि कुछ लोग हथियार और कुछ लाठी-डंडे से लैस थे। एफआईआर में लोहे का गेट कटर मशीन से काटकर घर में घुसने, तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने घर का सामान ट्रैक्टर पर लादकर ले जाने, सोने-चांदी के जेवरात, इलाज के लिए रखे करीब 1.20 लाख रुपये और गले की सोने की चेन ले जाने का भी आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंचे शिकायतकर्ता के पुत्र अरुण कुमार के साथ भी मारपीट करने का आरोप है।
