मोतिहारी पुलिस का ‘मिडनाइट मिशन’! रात 1 बजे तक थाने में जमे DSP, अपराधियों को खुली चेतावनी—’अब नहीं बचेगा कोई

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मोतिहारी/दिव्यांशु रमन सिंह। पूर्वी चंपारण पुलिस इन दिनों पूरे बिहार में अपनी तेज, आक्रामक और परिणाम आधारित पुलिसिंग को लेकर लगातार चर्चा में है। अपराधियों, शराब माफियाओं, अवैध खनन गिरोहों और संगठित अपराध पर लगातार हो रही कार्रवाई ने जिले में कानून का भय स्थापित किया है। अपराध की दुनिया से जुड़े लोगों के बीच यह संदेश साफ पहुंच चुका है कि अब मोतिहारी में अपराध करना आसान नहीं है। इस बदलाव के केंद्र में हैं पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, जिनकी कड़ी मॉनिटरिंग, जमीनी सक्रियता और जवाबदेही आधारित कार्यशैली ने जिले की पुलिसिंग को नई दिशा दी है। एसपी लगातार जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (डीएसपी), इंस्पेक्टरों, थानाध्यक्षों और अनुसंधानकर्ताओं की समीक्षा कर रहे हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जबकि लापरवाही मिलने पर बिना किसी हिचक के कार्रवाई भी की जा रही है। यही कारण है कि पुलिस महकमे में जवाबदेही बढ़ी है और अपराधियों पर लगातार दबाव बन रहा है। इसी कड़ी में सोमवार देर रात सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार सिंह अचानक नगर थाना पहुंच गए। आधी रात के बाद भी वे करीब रात 1 बजे तक थाने में मौजूद रहे और एक-एक लंबित कांड की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अनुसंधान अधिकारियों से केस की वर्तमान स्थिति पूछी, साक्ष्य संकलन की प्रगति जानी और जिन मामलों में कार्रवाई धीमी थी, उनमें तत्काल गति लाने का सख्त निर्देश दिया। डीएसपी ने स्पष्ट कहा कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन, वारंटियों की गिरफ्तारी, शराब तस्करों, अवैध खनन माफियाओं, जुआ-सट्टा संचालकों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने थाना क्षेत्र में रात गश्ती, वाहन जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को भी कहा। सूत्रों के अनुसार, सदर अनुमंडल में डीएसपी दिलीप कुमार सिंह की नियमित मॉनिटरिंग के बाद केस डिस्पोजल की गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी बढ़ी है, अनुसंधान में तेजी आई है और थानों में लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। यही वजह है कि अपराधियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। जिले में पुलिस की यह कार्यशैली यह संकेत दे रही है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान अब केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि देर रात तक थानों में बैठकर हर मामले की निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों की सक्रियता और लगातार समीक्षा से यह स्पष्ट है कि कानून तोड़ने वालों के लिए अब मोतिहारी में बच निकलना पहले की तुलना में कहीं अधिक कठिन होता जा रहा है।

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