थाने में उल्टा न्याय! अपहरणकर्ता छूटा, पीड़ित हाजत में, रामगढ़वा थानाध्यक्ष पर DIG की गाज

  • थाने में उल्टा न्याय! अपहरणकर्ता छूटा, पीड़ित हाजत में, रामगढ़वा थानाध्यक्ष पर डीआईजी की गाज

मोतिहारी, 15 जुलाई। पूर्वी चंपारण पुलिस महकमे में बुधवार को बड़ी विभागीय कार्रवाई करते हुए पश्चिम चंपारण प्रक्षेत्र, बेतिया के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) ने रामगढ़वा थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभागीय जांच में उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए यह कार्रवाई की गई। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अपहरण के एक मामले में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में रही, पीड़ित को अवैध रूप से थाना हाजत में रखा गया, जबकि नामजद आरोपी को शीघ्र छोड़ दिया गया। साथ ही सूदखोरी जैसे गंभीर मामले में भी कानून के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चंपारण कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, रामगढ़वा थाना क्षेत्र की निवासी सुनीता देवी ने उच्च पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी कि उनके पति बालकन्हाई महतो का 15 जून 2026 को अपहरण कर लिया गया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अपहृत को बरामद कर थाना लाया। शिकायत के अनुसार, जिस व्यक्ति पर अपहरण का आरोप था, उसे लगभग एक घंटे के भीतर छोड़ दिया गया, जबकि पीड़ित बालकन्हाई महतो को करीब 24 घंटे तक थाना हाजत में रखा गया। शिकायतकर्ता ने इसे कानून और मानवाधिकारों के विपरीत बताते हुए उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि पूरे विवाद की जड़ सूदखोरी थी। पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही किसी प्रकार की वैधानिक कार्रवाई की गई। आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण आरोपितों को संरक्षण मिला, जबकि पीड़ित पक्ष न्याय के लिए भटकता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी कार्यालय ने तत्कालीन थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह से स्पष्टीकरण तलब किया। उनके द्वारा दिए गए जवाब का परीक्षण किया गया, लेकिन वह विभागीय स्तर पर संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद उपलब्ध अभिलेखों, शिकायत और अन्य तथ्यों के आधार पर विस्तृत जांच कराई गई। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि सूदखोरी की जानकारी होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और न ही कानून के अनुसार कार्रवाई की गई। विभाग ने इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता, मनमानी तथा सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना। जांच प्रतिवेदन के आधार पर पश्चिम चंपारण प्रक्षेत्र के डीआईजी ने राजीव कुमार साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस प्रशासन ने रामगढ़वा थाना में नई तैनाती भी कर दी है। निलंबित थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह के स्थान पर सुगौली के सर्किल इंस्पेक्टर संजीव मौआर को रामगढ़वा का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से योगदान देकर थाना का प्रभार संभालने का निर्देश दिया गया है। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई को अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य में लापरवाही, अवैध हिरासत, शिकायतों की अनदेखी या कानून के निष्पक्ष अनुपालन में किसी भी प्रकार की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, रामगढ़वा थाना में नए थानाध्यक्ष की नियुक्ति से यह संकेत भी दिया गया है कि पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून के राज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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