तपिश से तिलमिलाएगा बिहार! मौसम विभाग का येलो अलर्ट, हीटवेव जैसी स्थिति के संकेत

  • तपिश से तिलमिलाएगा बिहार! मौसम विभाग का येलो अलर्ट, हीटवेव जैसी स्थिति के संकेत

पटना: बिहार में गर्मी ने एक बार फिर अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार आने वाले तीन दिन राज्यवासियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। राजधानी पटना समेत बिहार के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना जताई गई है। शुष्क पछुआ हवाओं और बढ़ती आर्द्रता के कारण हीटवेव जैसी स्थिति बनने के संकेत हैं। ऐसे में लोगों को तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस भरी गर्मी का एक साथ सामना करना पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार राज्य में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक बारिश की कोई बड़ी संभावना नहीं दिख रही है। इसके कारण दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार को बिहार के 24 शहरों में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी पटना का तापमान एक दिन में 3.5 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 37.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं कैमूर जिला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है। इसका सीधा मतलब है कि राज्य के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर सकता है। दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में हीटवेव जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका सबसे अधिक जताई गई है। पटना, गया, औरंगाबाद, रोहतास, बक्सर, कैमूर और अरवल जैसे जिलों में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। सोमवार को वाल्मीकिनगर में 3 डिग्री, बक्सर में 3.7 डिग्री, कटिहार में 3 डिग्री, डेहरी में 3.6 डिग्री, औरंगाबाद में 3.7 डिग्री, अरवल में 3.3 डिग्री, गया में 3.2 डिग्री, राजगीर में 2.3 डिग्री, शेखपुरा में 2.4 डिग्री, दरभंगा में 3.1 डिग्री, सुपौल में 1.5 डिग्री तथा पूर्णिया में 1.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि पूरे राज्य में गर्मी का प्रभाव तेजी से फैल रहा है। ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र, पूसा के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए. सत्तार के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पछुआ हवाओं का दबाव लगातार बना हुआ है। यही वजह है कि तापमान तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि यह स्थिति अगले तीन से चार दिनों तक बनी रह सकती है। इसके साथ ही हवा में नमी की मात्रा भी काफी अधिक रहने की संभावना है। अनुमान है कि सुबह और दिन के समय आर्द्रता 75 प्रतिशत या उससे अधिक रह सकती है, जिससे लोगों को चिपचिपी और असहज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि केवल तापमान ही नहीं, बल्कि उमस भी लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा सकती है। अधिक नमी के कारण शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखेगा, जिससे थकान, बेचैनी और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने 5, 6 और 7 जून के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को भी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। हालांकि तेज धूप निकलने से किसानों को कुछ राहत भी मिली है। पिछले दिनों बादल और नमी के कारण प्रभावित कृषि कार्यों में तेजी आई है। कई जिलों में किसान मक्का की फसल की कटाई और भंडारण में जुट गए हैं। लेकिन बढ़ती गर्मी और उमस ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। जून की शुरुआत के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो आने वाले दिनों में राज्य इस सीजन की अब तक की सबसे तीखी और उमसभरी गर्मी का सामना कर सकता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी लोगों से सतर्क रहने और लू से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाने की अपील कर रहे हैं।

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