मोतिहारी में कानून का राज मजबूत: SP की सख्ती से अपराधियों की कमर टूटी, बाइक चोरी में 45 प्रतिशत तक गिरावट

  • मोतिहारी में कानून का राज मजबूत: एसपी की सख्ती से अपराधियों की कमर टूटी, बाइक चोरी में 45 प्रतिशत तक गिरावट

 

पूर्वी चंपारण: मोतिहारी में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बड़ा बदलाव साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है, जहां स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त और सुनियोजित अभियान छेड़ रखा है। खासकर बाइक चोरी जैसी आम हो चुकी घटनाओं पर जिस तरह से लगाम लगी है, वह जिले के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
अप्रैल महीने के आंकड़े इस बदलाव की सबसे बड़ी गवाही दे रहे हैं। जिलेभर में पुलिस ने अभियान चलाकर 90 चोरी की बाइक बरामद की हैं, वहीं कार्रवाई के दौरान 91 शातिर चोरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। लगातार हो रही छापेमारी, संदिग्धों की पहचान और तेज़ी से कार्रवाई ने अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने का काम किया है।
पुलिस की इस आक्रामक रणनीति का सीधा असर अपराध के आंकड़ों पर पड़ा है। रिकॉर्ड के मुताबिक बाइक चोरी की घटनाओं में 45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दिखाता है कि सख्ती सिर्फ दिखावे तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर असर डाल रही है।
जानकारी के अनुसार, स्वर्ण प्रभात ने जिले के सभी थानों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके तहत रात में गश्ती बढ़ाई गई है, हर थाना क्षेत्र में नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है और सक्रिय अपराधियों की सूची बनाकर उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इतना ही नहीं, पुलिस ने इंटर-डिस्ट्रिक्ट और सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय गिरोहों पर भी विशेष नजर रखी है, जिससे चोरी के बड़े नेटवर्क पर चोट पहुंची है। यही वजह है कि अब न सिर्फ शहर बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी बाइक चोरी की घटनाओं में कमी आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां हर दिन बाइक चोरी की खबरें आम हो गई थीं, वहीं अब हालात बदलते दिख रहे हैं। चौक-चौराहों पर पुलिस की सक्रियता, नियमित पेट्रोलिंग और त्वरित कार्रवाई ने आम जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा बढ़ाया है और अपराधियों में डर पैदा किया है।
पूरे घटनाक्रम को देखें तो यह साफ है कि मोतिहारी में पुलिसिंग का एक सख्त और परिणाम देने वाला मॉडल लागू हो चुका है, जिसमें नेतृत्व, मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई तीनों का संतुलन दिखाई दे रहा है। और इस बदलाव के केंद्र में स्वर्ण प्रभात की सक्रिय और कड़े फैसले लेने वाली कार्यशैली को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

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