मोतिहारी SP स्वर्ण प्रभात की सख्ती से झुका हत्या का मुख्य आरोपी, इश्तिहार के बाद कोर्ट में किया सरेंडर

  • एसपी स्वर्ण प्रभात की सख्ती से झुका हत्या का मुख्य आरोपी, इश्तिहार के बाद कोर्ट में किया सरेंडर

 

पूर्वी चंपारण: लखौरा थाना कांड संख्या 71/26, धारा 103(1)/3(5) बीएनएस के तहत दर्ज हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस कांड के मुख्य नामजद आरोपी मुकेश सहनी ने आखिरकार पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार की जा रही कार्रवाई के बाद 28 अप्रैल 2026 को माननीय न्यायालय मोतिहारी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार मुकेश सहनी, पिता सुरेश सहनी, निवासी अजगरवा थाना लखौरा, जिला पूर्वी चंपारण, हत्या के इस गंभीर मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। कई बार संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। अंततः 24 अप्रैल 2026 को पुलिस ने उसके घर पर विधिवत इश्तिहार चस्पा किया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और अधिक तेज कर दी गई।
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के सख्त निर्देश और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का ही परिणाम है कि लगातार फरार चल रहे अपराधी अब खुद न्यायालय में आत्मसमर्पण करने को मजबूर हो रहे हैं। एसपी स्वर्ण प्रभात ने जिले में अपराध नियंत्रण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार अभियान चला रखा है। उनकी सक्रिय मॉनिटरिंग और तेज पुलिसिंग के कारण अपराधियों में भय का माहौल बना है।
इश्तिहार चिपकाए जाने के बाद आरोपी पर कानूनी दबाव काफी बढ़ गया। गिरफ्तारी लगभग तय मानी जा रही थी। ऐसे में पुलिस की सख्ती और गिरफ्तारी के भय से उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण करना ही उचित समझा। 28 अप्रैल को उसने मोतिहारी न्यायालय में सरेंडर कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने इसे बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि फरार अपराधियों के खिलाफ इसी तरह लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मुकेश सहनी का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और गंभीर है। वह कोई पहली बार अपराध में शामिल व्यक्ति नहीं है, बल्कि वर्षों से हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और उत्पाद अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में उसका नाम सामने आता रहा है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की सूची यह साबित करती है कि वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है।
वर्ष 2012 में लखौरा थाना कांड संख्या 64/12 में हत्या का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद वर्ष 2013 में थाना कांड संख्या 127/13 में भी हत्या के आरोप लगे। वर्ष 2021 में उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ। 2023 और 2024 में भी शराब तस्करी, अवैध गतिविधियों और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामलों में उसका नाम सामने आया। वर्ष 2024 और 2025 में हत्या के प्रयास के कई गंभीर मामले उसके खिलाफ दर्ज हुए। इसके अलावा अवैध हथियार रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई।
लखौरा थाना में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और उत्पाद अधिनियम के कुल कई संगीन मामले दर्ज हैं, जबकि छौड़ादानो थाना में भी उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इस लंबे आपराधिक रिकॉर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आरोपी लंबे समय से पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ था।
एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में पूर्वी चंपारण पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। जिले में चल रहे कुर्की, जब्ती, इश्तिहार, गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण की कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ दी है। आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है, जबकि अपराधियों के बीच यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून से बचना अब आसान नहीं। यह आत्मसमर्पण भी उसी सख्त और प्रभावी पुलिसिंग का परिणाम माना जा रहा है।

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