विकास योजनाओं पर DM का सख्त एक्शन: पूर्वी चंपारण के पकड़ीदयाल में समीक्षा बैठक, लापरवाही पर वेतन रोक—एक हफ्ते का अल्टीमेटम

  • विकास योजनाओं पर डीएम का सख्त एक्शन: पूर्वी चंपारण के पकड़ीदयाल में समीक्षा बैठक, लापरवाही पर वेतन रोक—एक हफ्ते का अल्टीमेटम

 

पकड़ीदयाल: पूर्वी चंपारण में विकास योजनाओं की रफ्तार और जमीनी हकीकत को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। 21 अप्रैल 2026 को पताही पूर्वी ग्राम पंचायत के पंचायत सरकार भवन में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित अनुमंडल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई और लापरवाही पर सख्त संदेश दिया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी समेत मधुबन, फेनहारा, पकड़ीदयाल, पताही और तेतरिया प्रखंडों के वरीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा में हजारों लंबित किस्त भुगतान के मामले सामने आने पर सभी बीडीओ को सख्त निर्देश दिया गया कि नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करें और जिन लाभुकों ने दूसरी किस्त के बाद भी निर्माण शुरू नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी करें। वहीं तीसरी किस्त लेने के बावजूद अधूरे पड़े सैकड़ों आवासों को जल्द पूरा कराने के आदेश दिए गए।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 82 से 94 प्रतिशत के बीच प्रगति पाई गई, लेकिन शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया गया। इसी दौरान मधुबन के ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक जितेंद्र कुमार की कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आने पर उनका वेतन अगले आदेश तक स्थगित कर स्पष्टीकरण तलब किया गया।
मनरेगा के तहत फेनहारा में 78.53%, पकड़ीदयाल में 81.93%, मधुबन में 84.11%, पताही में 86.47% और तेतरिया में 93.47% कार्य पूर्णता दर्ज की गई। ई-केवाईसी की स्थिति 82 से 86 प्रतिशत रहने पर सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर 90 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का अल्टीमेटम दिया गया। साथ ही जियो टैगिंग के लंबित मामलों को भी एक सप्ताह में निपटाने के निर्देश दिए गए।
जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 52 से अधिक जल संरचनाओं पर अतिक्रमण लंबित मिलने पर अंचल अधिकारियों को एक सप्ताह में सभी अतिक्रमण हटाने का सख्त आदेश दिया गया। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत स्वच्छता कर्मियों के भुगतान से जुड़े लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र तत्काल उपलब्ध कराने और सभी योजनाओं को जीपीडीपी में अपलोड करने को कहा गया। साथ ही 10 जुलाई 2026 तक सभी महादलित टोलों में शौचालय निर्माण पूर्ण करना अनिवार्य किया गया।
राजस्व कार्यों में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, एलपीसी, ई-मापी और आधार सीडिंग में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। पीएचईडी को चकिया, मेहसी और कल्याणपुर क्षेत्रों में नल-जल और चापाकल योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति रिपोर्ट देने को कहा गया।
पंचायत सरकार भवनों को पूरी तरह क्रियाशील बनाने, सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने में तेजी लाने और लापरवाही करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया। जनगणना और निर्वाचन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी कर्मियों का सेल्फ एन्यूमरेशन सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी कार्यालयों में प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

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